August 3, 2026

1000 से अधिक श्रद्धालुओं ने किया सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ

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सीहोर। श्री गुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि..। बुद्धिहीन तनु जानि के, सुमिरौ पवन कुमार..। वीरता, भक्ति और साहस का परिचायक श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। शिव के रुद्रावतार माने जाने वाले वीर हनुमान के जन्मोत्सव पर शहर के चाणक्यपुरी स्थित यशोदानंदन सेवा समिति भारत वर्ष के तत्वाधान में दो दिवसीय भव्य आयोजन किया गया था। लगातार दो दिन चल इस श्री हनुमान जन्मोत्सव के पहले दिन हवन का आयोजन किया गया था। उसके पश्चात 1000 से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और उसके पश्चात दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। 
दो दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव में संकट मोचन यज्ञ, सुंदरकांड, जागरण और भंडारे का आयोजन किया गया। इससे पूर्व हनुमानजी का श्रृंगार हुआ किया। भोपाल से हनुमान का पात्र निभाने वाले अमन वैष्णव ने मनमोहक भूमिका निभाई और यहां पर जारी भजन संध्या में हनुमान जी का पाठ किया गया। पंडित अजय पुरोहित ने बताया कि हनुमान भगवान राम के दूत थे। जिन्होंने भगवान श्रीराम के सभी कारज सफलता पूर्ण किए है। हनुमान जी रूद्र अवतार हैं, इसलिए कपीश भी हैं। वे जहां पर रहते हैं, वहां पर सदैव प्रकाश रहता है। अंधेरा वहां से बहुत दूर भाग जाता है। हनुमान जी की प्रशंसा करते हुए तुलसीदास जी पुन: कहते हैं कि आप रामचंद्र जी के दूत हैं। आप अतुलनीय बल के स्वामी हैं। अंजनी और पवन देव के पुत्र हैं। श्री हनुमान जी से बलशाली कोई नहीं है। हनुमान जी प्रभु श्री राम के सेवक हैं और उनके पास बहुत से शक्तियां है, जो उन्होंने अपने परिश्रम और अच्छे कर्मों से अर्जित की हैं। इसलिए उनके पराक्रम की चर्चा हर ओर होती है। इससे संदेश मिलता है कि बल अपने पराक्रम से अर्जित किया जा सकता है। फिर चाहे राजा हो या सेवक। दो दिवसीय जन्मोत्सव में वरिष्ठ समाजसेवी अखिलेश राय, पंकज सुबीर आदि सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने अंतिम दिन आरती की।

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