अमराझिरी आश्रम में उमड़ा गुरु भक्ति का सैलाब, श्री श्री 108 अमरानंद जी त्यागी जी गुरुजी के दर्शन को हजारों श्रद्धालु पहुंचे

दुर्गम जंगल और 5 किलोमीटर पैदल सफर भी नहीं डिगा सका श्रद्धालुओं की आस्था, गुरु पूर्णिमा पर भजन, पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन
रेहटी। मुकेश मेहता।
गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व रेहटी क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों, आश्रमों एवं संतों की तपोस्थलियों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरु भक्तों ने अपने-अपने गुरुदेव के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। पूरे क्षेत्र में भजन-कीर्तन, आरती, गुरु पूजन और भंडारों का आयोजन देर रात तक चलता रहा। वही
बुधनी विधानसभा क्षेत्र का प्रसिद्ध अमरागुरु तीर्थ अमराझिरी आश्रम गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना रहा। अमराझिरी के घने जंगलों और रमणीय पहाड़ियों के बीच स्थित यह पावन धाम प्राचीन काल से आध्यात्मिक साधना की भूमि माना जाता है। लोकमान्यताओं के अनुसार यह वीर आल्हा-ऊदल के गुरु अमरागुरु की तपोस्थली भी है, जिसके कारण इस स्थान का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
आश्रम की स्थापना क्षेत्र के पूज्य परमहंस सन्त श्री श्री 1008 “ब्रह्मलीन श्री टाटम्बरी जी गुरु महाराज ने की थी। यह स्थान उनकी तपोस्थली एवं समाधि स्थल के रूप में भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। वर्तमान में आश्रम की गुरु गादी पर विराजमान पूज्य श्री श्री 108 अमरानंद जी त्यागी जी गुरुजी के सानिध्य में आश्रम निरंतर आध्यात्मिक एवं धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। उनके सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्यागी जी गुरुजी का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम में पूर्व में निराहारी संत दादा गुरु सहित अनेक संत-महात्माओं का भी आगमन हो चुका है, जिससे इसकी आध्यात्मिक प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ी है।
बारिश के मौसम में अमराझिरी आश्रम तक पहुंचना आसान नहीं है। श्रद्धालुओं को वाहन छोड़ने के बाद लगभग 5 किलोमीटर पैदल जंगल और पहाड़ी मार्ग से होकर आश्रम तक पहुंचना पड़ता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कहीं भी कमी दिखाई नहीं दी। सुबह से ही गुरु दर्शन के लिए भक्तों का लगातार आगमन होता रहा और देर रात तक श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत प्रातःकालीन आरती, विशेष पूजन, गुरु चरण वंदना एवं गुरु पूजन का आयोजन किया गया। पूरे दिन भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन, आरती तथा विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संपूर्ण आश्रम परिसर गुरु भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर रहा।
गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर अमराझिरी आश्रम ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि सच्ची श्रद्धा के आगे दूरी और कठिन रास्ते भी छोटे पड़ जाते हैं। गुरु के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्यागी जी गुरुजी का आशीर्वाद लेकर अपने जीवन को धन्य माना।