August 3, 2026

धन तेरस पर सोने, चांदी आदि के सिक्कों से की जाएगी देवी लक्ष्मी की विशेष अर्चनादेवी लक्ष्मी का अनुष्ठान करने से होती मनोकामनाएं पूर्ण-पंडित पियुष शर्मा

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सीहोर। जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु और संपन्नता की देवी मां लक्ष्मी की संयुक्त उपासना से हर मनोकामना पूरी होती है। परम शक्तिशाली भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के संयुक्त मंत्र के जाप से दसों दिशाओं से श्रीहरि और मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। उक्त विचार शहर के भोपाल नाका स्थित कार्यमंगलम गार्डन में श्री शक्ति सेवा संस्थान के तत्वाधान में जारी पांच दिवसीय स्फटिक श्री यंत्र प्राण प्रतिष्ठा, महालक्ष्मी अनुष्ठान के पहले दिन यज्ञ आचार्य पंडित पियुष शर्मा ने कहे। उन्होंने बताया कि आचार्य अनिल सोनी के तत्वाधान में गुरुवार से लगातार दूसरे बार आरंभ हुए महा अनुष्ठान में पहले दिवस 51 से अधिक वेद पाठी ब्राह्मणजनों के द्वारा श्री यंत्र आवरण पूजन, अभिषेक पंचामृत से कुमकुम, हल्दी गठान और अक्षत से मां लक्ष्मी की सहस्त्रार्चन किया गया। शुक्रवार को सर्व औषधी और तीर्थ जल से अभिषेक के पश्चात 1000 कमल पुष्प, बिल्वपत्र, तुलसी पत्र, गुलाब पुष्प और गेंदा पुष्प से सहस्त्रार्चन की जाएगी और शनिवार को धनतेरस के पावन अवसर पर 1000 चांदी और सोने के सिक्के से मां की विशेष अर्चना की जाएगी।
ज्योतिषाचार्यं अनिल सोनी ने बताया कि पांच दिवसीय श्री यंत्र प्राण प्रतिष्ठा, महालक्ष्मी अनुष्ठान के दौरान स्फटिक श्री यंत्र को 51 ब्राह्मणों के द्वारा सवा लाख महालक्ष्मी मंत्रो, 51 हजार महालक्ष्मी श्री सूक्त पुरूष सूक्त पाठ, श्रीयंत्र का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्न धार्मिक चैनल और इंटरनेट मीडिया प्लेट फार्म पर लाइव किया जाएगा। बड़ी संख्या में स्थानीय सहित देश के विभिन्ना राज्यों के श्रद्धालु महा आयोजन में ऑफ और ऑनलाइन सम्मिलित हो कर विशेष धार्मिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। पांच दिवसीय स्फटिक श्री यंत्र प्राण-प्रतिष्ठ, महालक्ष्मी अनुष्ठान का आयोजन 51 से अधिक वेद पाठी ब्राह्मणों के द्वारा आगामी गुरुवार को प्रथम दिन श्रीयंत्र आवरण पूजन, अभिषेक पंचामृत से किया जाएगा। जिसमें कुमकुम, हल्दी की गठान और अक्षत से सहस्त्रार्चन की जाएगी। आचार्य अनिल सोनी ने बताया कि उक्त आयोजन का यह दूसरा वर्ष है गत वर्ष लगातार 16 दिनों तक किया गया था, लेकिन इस वर्ष पांच दिवसीय अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 16 हजार से अधिक वस्तुओं से सहस्त्रार्चन किया जाएगा। समिति ने क्षेत्रवासियों से उक्त दिव्य अनुष्ठान में आने की अपील की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए आचार्य श्री सोनी ने बताया कि सबसे खास बात यह है कि यहां पर लगातार आगामी चारों दिनों तक प्रतिदिन सहस्त्रार्चन किया जाएगा, कभी पुष्पों से तो कभी बिल्वपत्रों से, कभी काजू तो कभी फलों से। मंत्रोच्चारों से पूरा वातावरण गुंजित हो रहा है। उल्लू की सवारी वाली मां लक्ष्मी की आराधना से प्राप्त लक्ष्मी चंचला होती हैं और जातक सदैव परेशानी में घिरा रहता है। इसके विपरीत गरुड़ वाहन पर सवार नारायण के साथ मां लक्ष्मी की आराधना सर्व मनोकामना पूर्ण होने का फल प्रदान करती हैं।

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