पुलिस स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित। जानिए क्यों मनाया जाता पुलिस स्मृति दिवस
पुलिसस्मृतिदिवस के अवसर पर पुलिस लाइन,सीहोर में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी व जिलाधीश श्चंद्र मोहन ठाकुर द्वारा देशभक्ति जनसेवा को चरितार्थ करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी

क्यो मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
दरअसल साल 1959 में
चीन से लगने वाली
भारतीय सीमा की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस पर था। 20 अक्टूबर को गश्त पर निकली पुलिसकर्मियों की एक टुकड़ी वापस नहीं लौटी। ऐसे में उनकी खोज करने के लिए 21 अक्टूबर को डीसीआईओ करम सिंह के नेतृत्व में 20 जवानों की एक टीम भेजी गई। तलाशी अभियान के दौरान ही चीन के सैनिकों ने धोखे से भारतीय पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। चूंकि यह टुकड़ी तलाशी अभियान पर निकली थी, इसलिए इनके पास खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी संसाधन नहीं थे। दूसरी तरफ चीनी सैनिक ऊंचाई पर छिपकर बैठे थे और फायरिंग कर रहे थे।

चीनी सैनिकों के इस हमले में भारतीय पुलिस के 10 जवान शहीद हो गए जबकि 7 जवान बुरी तरह से घायल हो गए। यही नहीं इन सातों घायलों को चीन ने बंदी बना लिया जबकि शहीद जवानों के शव भी चीनी सैनिक अपने साथ ले गए। इस घटना के 22 दिन बाद चीन ने शहीद पुलिसकर्मियों के शव को लौटा दिया। इसके बाद उन पुलिसकर्मियों का हॉट स्प्रिंग्स में पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना के कुछ महीनों बाद ही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों का वार्षिक सम्मेलन हुआ। इस सम्मलेन में लद्दाख में शहीद हुए वीर पुलिसकर्मियों और अपनी ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को सम्मान में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने का फैसला लिया गया।