समूह के माध्यम से महिलाए स्थापित कर रही है प्रगति के नए आयाम
घर के चूल्हा-चौका और खेती-बाड़ी के काम तक सीमित रहने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकल कर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। वे स्व सहायता समूह से जुड़कर छोटी-छोटी आर्थिक गतिविधियों को संचालित कर न केवल परिवार की उन्नति में योगदान दे रही हैं, बल्कि महत्वपूर्ण निर्णय भी स्वयं ले रही हैं।

गत दिवस ग्राम जैत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में स्व सहायता समूह की बहने श्रीमती प्रियंका नामदेव एवं श्रीमती रानू केवट ने समूह के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और व्यवसाय का विस्तार करने के संबंध में अपने अनुभव को साझा किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए अन्य महिलाओं को प्रेरणा लेने के लिए कहा। श्रीमती नामदेव और श्रीमती केवट ने ग्राम जैत में सिलाई केंद्र और कस्टम हायरिंग सेंटर के द्वारा कृषि यंत्रों के संचालन के संबंध में और उससे होने वाली आमदनी के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने बताया कि गांव में आजीविका मिशन की गतिविधियां शुरू होने से पहले हम महिलाएं सिर्फ घरेलू कार्यों में ही अपने पूरा समय बिताती थी। हमारे मन में भी विचार आता था कि हम भी गांव में ही रहकर अपना खुद को कोई काम धन्धा कर सके ताकि अतिरिक्त आमदानी प्राप्त हो सके। कुछ समय बाद गांव में आजीविका मिशन की शुरूआत हुई और हमने महिलाओं का एक समूह बनाकर स्वसहायता समूह के माध्यम से कार्य करना शुरू किया। आज हमे समूह से अच्छी आमदानी प्राप्त हो रही है। समूह से माध्यम से हम सभी महिलाएं जागरूक हुई है और हमने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।