बिन फेरे हम तेरे बग़ैर फेरे और बग़ैर दहेज़ के विवाह हुआ
मुकेश मेहता
बुधनी के रेहटी में अनोखा विवाह सम्पन्न हुआ जिसने किसी भी तरह की फ़िज़ूल खर्ची नहीं हुई । नहीं हुए फेरे कोई दहेज भी नहींलिया। रेहटी के बालकृष्ण माहेश्वरी ने अपने पुत्र गुणातीत का अंतर्जातीय विवाह निधि पुत्री अमरेन्द्र निवासी मुंबई (महाराष्ट्र ) के साथ संपन्न कराया। जिसने आनंद मार्गिय परंपरा अनुसार जातपात का भेद मिटा कर बग़ैर टीका बग़ैर दहेज साथ ही बिना कोई फेरें के विवाह बर बधू के द्वारा आनंद मार्गिय शपथ लेकर हुआ। जिसका उद्देश है मानव मानव एक है कोई जातपात नहीं कोई बड़ा छोटा नहीं सभी सामान की विचार धारा हो एसा संदेश दिया। आप को यह बता दे बर बधू पहले कभी नहीं मिला न ही एक दूसरे को पहचानते थे। दोनों के माता पिता आनंद मार्गिय कार्यक्रम में मिले और रिश्ता तय हुआ। निशा का आज बम्बे से यहाँ आ कर विवाह सम्पन्न हुआ
