August 3, 2026

कुबेरेश्वरधाम में शुरु की नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा, आगामी दिनों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी स्थापित होगा

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने पिता श्री स्वर्गीय रामेश्वर दयाल मिश्रा की याद में निशुल्क एम्बुलेंस यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं और आस-पास के ग्रामीणों की सेवा के लिए समर्पित की है। आगामी दिनों में आश्रम में ही एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापन भी की जाएगी। इस केन्द्र से दूर-दूर से कुबेरेश्वरधाम आने वाले व्यक्तियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, आश्रम में आये व्यक्तियों को कोई छोटी मोटी समस्या जैसे उल्टी, दस्त, हल्का बुखार, बीपी, शुगर आदि होता है तो प्राथमिक चिकित्सा या तात्कालिक उपचार देने के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, प्राथमिक चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा, केन्द्र में सुविधा बिल्कुल मुफ्त में प्रदान की जाएगी। इसके अलावा समिति के द्वारा जागरूकता के लिए स्वास्थ्य संबंधी शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर देशभर में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है, हर रोज यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के भोजन आदि की व्यवस्था निशुल्क की जाती है। भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा शनिवार से गुजरात में होने वाली कथा में जाने से पहले शुक्रवार को नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा समर्पित की है। जिससे श्रद्धालुओं और आस-पास के ग्रामीणों को इसकी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अब गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए बिल्कुल भी परेशान नही होना पड़ेगा। आम नागरिकों को विठलेश सेवा समिति की तरफ से नि:शुल्क एंबुलेंस की सुविधा की सौगात दी है, लाखों रुपए की लागत की यह एंबुलेंस आश्रम में आने वाले मरीजों के लिए नि:शुल्क चलाई जाएगी।
शुक्रवार को सुबह उन्होंने अपने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति का पूरा जीवन यह जानने में लग जाता है कि उसका जन्म क्यों हुआ? हकीकत यह है कि हमारा जन्म अपने पूर्व जन्म के प्रतिफल को पाने और भगवान का भजन करने के लिए हुआ है। यदि हमने पूर्व जन्म में अच्छे कर्म किए होंगे तो इस जन्म में प्रतिफल के रूप में हमें आनंद की प्राप्ति होगी। हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि विपरीत परिस्थिति में भगवान शिव ही तुम्हारे साथ रहेंगे। भगवान शिव को जल तो चढ़ाना लेकिन छल कपट से मत चढ़ाना। मन में कपट रखकर जल मत चढ़ाना। निष्कपट भाव से, निर्मल मन से निर्मल ह्रदय से शिव जी को जल चढ़ाएं। उन्होंने कहा कि एक लोट जल हर समस्या का हल है।

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