आज नगर भ्रमण करेंगे भगवान शिव और माता शक्ति पार्वतीआस्था और उत्साह के साथ शिव महापुराण में श्रीगणेश और रिद्धि-सिद्धि विवाह
सीहोर। संतो का सत्संग करने यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें कोई बीमारी नहीं आएगी, हमारा परिवार खुशहाल रहेगा या फिर हमारा व्यापार अच्छा चल जाएगा, यह तो प्रारब्ध होता है जो इस दुनिया में आया है उसे एक दिन जाना ही है जब लाभ होता है तो हानि भी निश्चित होती है। सत्संग तो जीवन की धारा बदल देता है जिसमें आप ज्ञान और भक्ति की धारा में बहने लगते हैं, लेकिन यहां पर भी यदि कई बार लोग सत्संग करते हैं लेकिन उसका मूल नहीं समझ पाते, जिससे जीवन पर्यंत सत्संग करने के बाद भी अंत में उनको कुछ भी हासिल नहीं होता है। उक्त विचार शहर के भोपाल नाका स्थित मुरली कालोनी में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय शिव महापुराण के दौरान कथा व्यास पंडित मनोज कृष्ण ने कहे। शिव महापुराण कथा शनिवार को भगवान श्रीगणेश का रिद्धि-सिद्धि के साथ विवाह कराया।
शनिवार को पंडित मनोज कृष्ण ने गणेश और कार्तिकेय की लीलाओं का वर्णन किया। इसमें दोनों प्रथम विवाह करने की जिद करते हैं। इस पर भगवान शिव आदेश करते हैं कि जो पहले पृथ्वी की परिक्रमा लगाकर आएगा, उसका विवाह पहले होगा। यह सुनकर भगवान कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर विराजित हो कर पृथ्वी की परिक्रमा करने निकल पड़ते हैं। वहीं भगवान गणेश अपनी बुद्धि, चातुर्य और विद्या का प्रयोग कर कहते हैं कि वेद-शास्त्रों में मां को पृथ्वी और पिता को आकाश के तुल्य माना गया है। इसलिए वे अपने माता-पिता भगवान शिव-पार्वती की परिक्रमा करते हैं। यह देख सभी देवता प्रसन्ना होकर भगवान गणेश को विजेता घोषित कर उनका विवाह प्रथम करने के लिए सहमति देते है। भगवान गणेश का विवाह माता रिद्धि-सिद्धि के साथ धूमधाम से किया जाता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में जोरदार आतिशबाजी के साथ भगवान गणेश की बारात निकाली गई और पूरे उत्साह के साथ विवाह का आयोजन किया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन समिति की ओर से मनोज व्यास, चेतराम यादव राजा यादव आदि ने बताया कि समस्त क्षेत्रवासियों के ओर से शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां पर सुबह पूर्ण विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है, वहीं दोपहर में शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को सुबह साढ़े दस बजे भगवान शिव परिवार की शोभा यात्रा निकाली जाएगी, वहीं दोपहर में कथा के दौरान ज्योतिर्लिंग वर्णन, शिव पंचाक क्षरी महात्म्य, शिव पूजन विधि, पूर्णाहुति और महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

