कुबेरेश्वरधाम पर त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब
चरण उसी के छूना चाहिए जिसका चरित्र अच्छा हो-भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार से आरंभ हुए त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ सुबह यहां पर स्थित भगवान शिव की महा आरती के साथ किया गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती की और उसके पश्चात यहां पर जारी तीन दिवसीय प्रवचन के पहले दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि चरण उसी के छूना चाहिए जिसका चरित्र अच्छा हो। गुरु वही श्रेष्ठ होता है जिसकी प्रेरणा से किसी का चरित्र बदल जाए और मित्र वही श्रेष्ठ होता है जिसकी संगत से रंगत बदल जाए। भारत के स्वर्णिम इतिहास में गुरु-शिष्य परम्परा के लिए अपना सर्वस्व दाव पर लगा देने वाले बहुत सारे गुरु व शिष्य रहे हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य की महान परम्परा के अन्तर्गत गुरु अपने शिष्य को शिक्षा देता है या किसी अन्य विद्या में निपुण करता है बाद में वही शिष्य गुरु के रूप में दूसरों को शिक्षा देता है। यही क्रम लगातार चलता रहता है। यह परम्परा सनातन धर्म की सभी धाराओं में मिलती है। गुरु-शिष्य की यह परम्परा ज्ञान के किसी भी क्षेत्र में हो सकती है।
भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी बातें जब भी होती हैं, तब-तब मध्यप्रदेश के उज्जैन के सांदीपनि आश्रम का जिक्र जरुर आता है। इसी आश्रम में भगवान कृष्ण ने 64 दिन पढ़ाई करके 64 विद्याएं और 16 कलाएं सीखी और पहले जगत गुरु बने थे। इस दौरान उनके साथ भगवान बलराम और सुदामा भी साथ पढ़ते थे। भगवान कृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि जी का आश्रम करीब 5 हजार 273 साल पुराना है। सांदीपनि आश्रम में गुरु सांदीपनि जी की मूर्ति के सामने चरण पादुकाओं के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु सांदीपनि ने अपनी कठिन तपस्या से बिल्वपत्र के माध्यम से शिवलिंग प्रकट किया था। इन्हें ही सर्वेश्वर महादेव के नाम से जानते हैं। गोमती कुंड के समीप ही इस मंदिर में भगवान शिव की दुर्लभ प्रतिमा है। इस आश्रम भगवान शिवजी का एक मंदिर भी है। जिसे कुंडेश्वर महादेव कहा जाता है। जब भगवान शिव प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दर्शन करने यहां पधारे थे। तो इन दोनों गुरु और गोविंद के सम्मान में नंदी महाराज खड़े हो गए। इसी कारण यहां भक्तों को नंदीजी की खड़ी प्रतिमा के दर्शन होते हैं।
मंदिर में चल रहा निरंतर भंडारा, तीन सौ से अधिक सेवादारों ने संभाली जिम्मेदारी
मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, भोजन सहित अन्य व्यवस्था की है। इसके अलावा अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। शनिवार को सुबह भोजन प्रसादी में पनीर की सब्जी, पुडी, नुक्ती, मिक्चर, खिचड़ी आदि प्रदान की। यहां पर भंडारे की व्यवस्था करने यहां पर समिति सहित बाहर से सेवा देने के लिए सैकड़ों की संख्या में सेवदार आए है। जिनके द्वारा श्रद्धालुओं को भोजन का वितरण किया जा रहा है।
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कुबेरेश्वरधाम पहुंचे पीएम मोदी के भाई-भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा से मुलाकात कर लिया आशीर्वाद
सीहोर। शनिवार को जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में पीएम मोदी के भाई प्रहलाद दामोदर दास मोदी पहुंचे थे। उन्होंने मंदिर के किए दर्शन कर पूजा अर्चना की। साथ ही भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर यहां पर जारी गुरु पूर्णिमा के तीन दिवसीय महोत्सव और रुद्राक्ष वितरण आदि के कार्यक्रम को लेकर भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा से चर्चा की। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित श्री मिश्रा की प्रसिद्ध दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। तमाम दलों के दिग्गज नेता कुबेरेश्वरधाम पर पहुंचकर मत्था टेकने आते है। इसके अलावा देश-विदेश के सेलिब्रिटी भी धाम पर हाजिरी लगाने जाते है। इसी कड़ी में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाई प्रहलाद दामोदर मोदी पंडित श्री मिश्रा के आशीर्वाद लेने कुबेरेश्वरधाम पर पहुंचे थे।
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