नशा एक प्रकार की बीमारी है जिसका उपचार संभव है
अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर जिला जेल में बंदियों के लिए विशेष नशामुक्ति परामर्श सत्र सह जागरूकता शिविर का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अमिताभ मिश्र के निर्देशन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मुकेश कुमार दांगी ने जेल में निरूद्ध बंदियों को बताया कि नशा एक बीमारी है। जिस प्रकार अन्य बीमारियों का उपचार संभव है उसी प्रकार नशा पीडित व्यक्ति भी उपचार कराकर एक सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। नशे से मुक्ति के लिए नियमित दिनचर्या, खान-पान, चिकित्सकीय सहयोग, शारीरिक व्यायाम तथा इच्छाशक्ति आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को यह दृढ़संकल्प करना चाहिए कि वह हर प्रकार के नशे से दूर रहेगा तथा अपने आस-पास भी हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाएगा।

संकल्प नशामुक्ति केन्द्र प्रभारी श्री नटवर कुशवाहा एवं परामर्शदाता श्री विकास अग्रवाल द्वारा बंदियो को नशामुक्ति के लिए अपनाई जाने वाली दैनिक दिनचर्या से अवगत कराया तथा जानकारी दी कि किसी भी नशे से मुक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक हमारा अनुशासन से जीवन जीना तथा मानसिक रूप से सशक्त होना है। उनके द्वारा बंदियों को विस्तृत रूप से नशामुक्ति प्रक्रिया के बारे में जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान सहित जेल का स्टॉफ सह बंदीगण उपस्थित रहें।
