August 3, 2026

सात मार्च से किया जाएगा भव्य रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन, लाखों की संख्या में पहुंचेंगे श्रद्धालु
रुद्राक्ष महोत्सव से पहले होटल, धर्मशाला फुल हाउस

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी भागवत भूषण गुरुदेव पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में भव्य रुद्राक्ष महोत्सव शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा। भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही है। वहीं इस महोत्सव को लेकर शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल हैं। शहर के होटल या गेस्ट हाउस को बुक कराए जाने का सिलसिला जारी है। इसके अलावा धाम के आस-पास के क्षेत्र ग्रामीणों ने अपने घरों में ठहराने की व्यवस्था की है। आयोजन को लेकर समिति के व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, विनय मिश्रा सहित अन्य ने शुक्रवार को यहां पर मौजूद लोक निर्माण के अधिकारियों के राजस्व विभाग के अमले, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों   के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुबेरेश्वरधाम आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए धाम के आस-पास के स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की जा रही है। इस बार प्रशासन को दो सौ से तीन सौ एकड़ में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। कथा का श्रवण करने वालों के लिए समिति के द्वारा डोम लगाए जा रहे है। जिसमें करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु कथा का श्रवण कर सकते है।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा की प्रेरणा से कुबेरेश्वरधाम देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है और हर साल करीब डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालु यहां पर आस्था और उत्साह के साथ अपनी मनोकामनाओं को लेकर आते है। समिति और प्रशासन के द्वारा अब आगामी रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कानून व शांति व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए पुलिस बल की ड्यूटी की तैयारियां की है, इसके अलावा कुबेरेश्वरधाम पर पर्याप्त पार्किंग के लिए स्थान, वाहनों के आवागमन, बैरिकेटिंग, आने वाले श्रद्धालुओं की बैठक व्यवस्था, पेयजल, शौचालय सहित अन्य समुचित व्यवस्थाएं कराई जा रही है। जिससे श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं हो।
धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन का शुभारंभ हो गया है। मंदिर परिसर करीब 50 एकड़ से अधिक हिस्से में गौशाला, शिवलिंग का निर्माण सहित अन्य का निर्माण कार्य जारी है। वहीं 21 हजार स्क्वायर फीट से अधिक हिस्से में आधुनिक रसोईघर का निर्माण किया गया है। देश की सबसे अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन में एक वक्त में 50 हजार से अधिक लोग भोजन प्रसादी प्राप्त कर पाएंगे और अगर एक दिन की क्षमता की बात करें तो हम तीन लाख श्रद्धालुओं को भी भोजन प्रसादी उपलब्ध करवा सकते हैं। उसके मुताबिक किचन से लेकर सभी सुविधाएं जुटाई गई है। कुबेरेश्वरधाम का आधुनिक किचन पूरी तरह भांप से भोजन तैयार होगा। ये ऑटोमोडेड रहेगा। बड़े-बड़े वैजल्स है, जिसमें दाल, चावल, सब्जियों के लिए टाइमर सेट रहता है, ऑटोमेटिक चपाती मशीन से निकलती है, कोल्ड स्टोरेज होगा, इसमें डिश वॉशर भी रहेंगे। इस भोजनशाला में एक लाख से अधिक लोग भोजन कर लें और आवश्यकता अनुसार भोजन भी तैयार किया जाता है। शिर्डी, तिरुपति बालाजी और वैष्णों देवी सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर जो किचन चलते हैं, वैसा ही कुबेरेश्वरधाम में रसोईघर तैयार किया गया है, भरपेट भोजन की व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक भोजनशाला का निर्माण किया गया। धाम पर बनाए गए रसोईघर में जो मशीनें हैं वह सब्जी काटने, आटा गूंदने, छानने से लेकर दाल-चावल, सब्जी पकाने का काम ऑटोमैटिक तरीके से करती है। वहीं रोटी मेकर की भी विशाल मशीनें लगाई है, जो एक घंटे में हजारों की संख्या में रोटी बना देती है। सब्जी और अन्य सामग्री धुलकर कोल्ड स्टोरेज में रखने की भी सुविधा है। वहीं भोजन परोसने के लिए स्टील की विशाल ट्रालियां भी बुलवाई गई है और ऑटोमैटिक डिश वॉटर प्लांट भी लगाया गया है।

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