रेहटी में आस्था का महासागर उमड़ा: ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में गूंजे जयकारे, पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत

रेहटी। नगर में भगवान श्रीजगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के अद्भुत संगम के साथ निकाली गई। सुंदर सुसज्जित रथ पर भगवान बलराम, माता सुभद्रा एवं महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के दिव्य विग्रह विराजमान रहे। यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे नगर में भक्ति का अनुपम वातावरण देखने को मिला। रथ यात्रा के आयोजन में इस्कॉन मंदिर भोपाल का विशेष सहयोग रहा।
रथ यात्रा का शुभारंभ न्यू बस स्टैंड से वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। जैसे ही भगवान का रथ आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं ने स्वयं रथ की रस्सियां थामकर उसे खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। यात्रा में महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग और बच्चों की बड़ी संख्या शामिल रही। पूरा नगर “जय जगन्नाथ”, “बलराम जी की जय”, “सुभद्रा माता की जय”, “हरे कृष्ण हरे राम” और “हरे राम हरे कृष्ण” के भक्तिमय जयघोषों से गूंज उठा।
रथ यात्रा न्यू बस स्टैंड से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग से गुजरते हुए नगर के प्रमुख बाजारों और चौक-चौराहों से होती हुई मंडी प्रांगण स्थित गणेश मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों सहित श्रद्धालुओं ने भगवान की अगवानी करते हुए पुष्पवर्षा की। जगह-जगह भगवान की आरती उतारी गई तथा श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शरबत और अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई। नगरवासियों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन मंडलियों ने हरे कृष्ण महा मंत्र एवं भगवान जगन्नाथ के भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु नृत्य करते, झूमते और भजन गाते हुए रथ के साथ आगे बढ़ते रहे। बच्चों और युवाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा नगर एक आध्यात्मिक उत्सव में परिवर्तित हो गया।
मंडी प्रांगण पहुंचने पर भगवान श्रीजगन्नाथ, बलराम एवं माता सुभद्रा की भव्य महाआरती संपन्न हुई। आरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का दर्शन और प्रसादी ग्रहण करने का क्रम चलता रहा।
नगरवासियों ने इसे रेहटी की धार्मिक परंपरा का एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय आयोजन बताया। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देती इस भव्य रथ यात्रा ने पूरे नगर को भक्ति के रंग में रंग दिया तथा भगवान जगन्नाथ की कृपा से सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।