10 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर, पांच नामजद आरोपी; गिरफ्तारी का इंतजार

कोठरा पिपल्या आत्महत्या मामला: परिजनों व समाज के लोगों के थाने घेराव और लगातार मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
मुकेश मेहता
रेहटी। कोठरा पिपल्या में युवक द्वारा कथित रूप से सूदखोरों से परेशान होकर वीडियो बनाने के बाद आत्महत्या किए जाने के मामले में आखिरकार घटना के लगभग 10 दिन बाद रेहटी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। इस मामले को लेकर परिजनों, समाज के लोगों और ग्रामीणों ने रेहटी थाने का घेराव कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी। वहीं स्थानीय मीडिया द्वारा भी लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में महेंद्र पटेल (गोंडी गुराड़िया), जगदीश चौहान (रेहटी), बलराम पटेल, इंदर कुमार प्रजापति तथा रामबाबू पटेल (चकल्दी) को आरोपी बनाया गया है।
हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि एफआईआर में आरोपियों के पिता के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। इसे लेकर लोग विभिन्न तरह के सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि कोठरा पिपल्या निवासी युवक ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने कुछ लोगों से कथित रूप से प्रताड़ित होने की बात कही थी। युवक की मौत के बाद परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई में हुई देरी को लेकर समाज के लोगों और ग्रामीणों में भी आक्रोश देखने को मिला तथा रेहटी थाने का घेराव कर जल्द एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई।
अब जबकि पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है, क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी मांग की है