अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जाएगा राजधानी भोपाल में जन आंदोलन
सीहोर। आरक्षण का आधार आर्थिक किया जावे, ताकि समाज के हर वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। एक बार आरक्षण मिलने पर दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं दिया जावे सहित अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही श्री राष्ट्रीय करणी सेना द्वारा आगामी आठ जनवरी को भोपाल में जन आंदोलन की तैयारी को लेकर अब तक जिले के बुधनी, नसरुल्लागंज, आष्टा, जावर आदि में पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों की बैठक हो चुकी है। रविवार को इछावर ब्लाक की बैठक श्री राष्ट्रीय करणी सेना के जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में की गई। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे।
इस मौके पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष श्री ठाकुर ने कहा कि सेना किसी भी धर्म, जाति या समाज के विरोध में नहीं है यह केवल उनके पक्ष में हैं जो वास्तविकता में गरीब है एवं सरकार की वास्तविकता योजनाओं से वंचित है। उन्होंने बताया कि हमारी प्रमुख मांगों में पहली मांग आरक्षण का आधार आर्थिक किया जावे, ताकि समाज के हर वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। एक बार आरक्षण मिलने पर दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं दिया जावे। दूसरी मांग एसी, एसटी एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी पर रोक लगे। एसीएसटी एक्ट की तर्ज पर सामान्य पिछड़ा एक्ट बने जो सामान्य-पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करे व कानूनी सहायता प्रदान करे। ईडब्ल्यूएस आरक्षण में भूमि व मकान की बाध्यता समाप्त कर आठ लाख की वार्षिक आय को ही आधार मानकर आरक्षण का लाभ दिया जावे। ईडब्ल्यूएस आरक्षण में सभी भर्तियों में उम्र सीमा व अंकों में छूट दी जावे एवं 2018 की शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियुक्तियों में इसे लागू किया जावे एवं मध्यप्रदेश में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को तुरन्त भरा जावे। के रिक्त पदों को इसी वर्ग से भरा जावे। केन्द्र और राज्य की आने वाले सभी भर्तियों में सभी वर्गों को 2 वर्ष की अतिरिक्त छूट देकर कोरोना काल की भरपाई की जाए, सवर्ण आयोग की कार्यप्रणाली में सुधारकर उसे क्रियाशील बनाया जावे, राज्य कर्मचारी आयोग की सिफारिश जिसमें कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने को कहा गया है, किसी भी परिस्थिति में अब कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु नहीं बढ़ाई जावे, इसके अलावा क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास में छेड़छाड़ को तुरन्त रोका जावे, इतिहास संरक्षण समिति बने ताकि समाज में आपसी सामंजस्य बना रहे। गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जावे व सरकार गौशालाओं के स्तर में सुधार करें एवं गोबर व गौमूत्र को सरकारी स्तर पर खरीदने की व्यवस्था करें ताकि गौ-पालन से रोजगार के अवसर भी बढ़े। पद्मावत फिल्म के विरोध में दर्ज प्रकरण वापस लिये जावे। कर्मचारियों की पेंशन पुन: चालू की जावे, प्रदेश की भर्तियों में यहाँ के युवाओं को प्राथमिकता दी जावे अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा सीमित हो, कर्मचारियों को दी जा रही पदोन्नति के साथ उन्हें उसके साथ अधिकार व सुविधा भी दी जावे, सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करे रोजगार की व्यवस्था नहीं होने तक बेरोजगार भत्ता प्रदान करे, किसानों के हित में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों का लागू किया जावे ताकि किसानों को उपज का सही मूल्य मिल सके व रासायनिक खादों की बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाया जावे। 19. खाद्यान्न (रोजमर्रा की चीजें ) को त्रस्ञ्ज से मुक्त किया जावे तथा बढ़ती महंगाई पर लगाम लगायी जावे, अतिथि शिक्षकों, रोजगार सहायकों व कोरोना काल में सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की जावे, सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार कर शिक्षा का स्तर प्रायवेट स्कूलों की भाँति किया जाय ताकि छात्र प्रायवेट स्कूलों की तरफ ना भागे व प्रायवेट स्कूलों की फीस पर नियंत्रण रखने हेतु एक कमेटी बनाई जाए। इन मांगों को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा। बैठक के दौरान बड़ी संख्या में सेना के पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया जाएगा।
