नाभि में बाण लगते ही धू-धूकर जल उठा दशानन
सीहोर। शहर के बाल विहार मैदान में हर साल की तरह इस साल भी भव्य रूप से अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर लगातार तीन घंटे चले इस कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के अनेक प्रयास के बाद भी लंकापति रावण को परास्त नहीं कर पा रहे थे। वह अपने अचूक वाणों से रावण का सिर काटते लेकिन पलक झपकते फिर से उसके सिर वापस आ जाते। यह देख विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। इसके बाद भगवान श्रीराम ने रावण की नाभि को लक्ष्य कर बाण चलाया, जिससे रावण का अंत हो गया।
असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व शहर में परम्परागत तरीके से मनाया गया। शहर के बालविहार मैदान में छावनी दशहरा उत्सव समिति के तत्वाधान में भगवान श्रीराम व अहंकारी रावण के बीच घंटों चले युद्ध के बाद अधर्म व असत्य के प्रतीक रावण का वध सत्य के प्रतीक श्रीराम ने किया। रावण का अंत होते ही चारों दिशाओं मे जय श्रीराम के जयकारे लगने लगे और आतिशबाजी से समूचा मैदान प्रकाशमान हो गया। कार्यक्रम के दौरान भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा, समिति के मुख्य संरक्षक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल अरोरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अमिता जसपाल अरोरा, समिति के अध्यक्ष अशीष गहलोत, जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. बलवीर तोमर, महंत उद्वाव दास, वरिष्ठ समाजसेवी अखिलेश राय, नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर, पंडित मोहित पाठक, हरीश चंद्र अग्रवाल, राजीव गुजराती, अंबर नारंग, कैलाश अग्रवाल, ब्रजमोहन सोनी, बीके चतुर्वेदी, सुरेश साबू, पवन राठौर, कमल झंवर, दीपक शर्मा, विवेक रुठिया, विमल जैन, मनोज जैन, आशीष गुप्ता, श्याम मेहता, मांगीलाल सोलंकी, मोहिनी अग्रवाल, मुकेश खत्री, सेवा यादव, अखिलेश सोलंकी आदि की मौजूदगी में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज दीक्षित मामा और भरत महेश्वरी ने किया और अंत में सभी का आभार समिति के कोषाध्यक्ष विशाल सेन ने प्रकट किया। इस मौके पर भजन संध्या का आयोजन किया गया था, जिसमें भजन गायक राजेन्द्र सैनी मित्र मंडल के द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी।
