पानी समिति सदस्यों का प्रशिक्षण, पानी की उपयोगिता जरूरी
सीहोर। शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता और संबंधित ढेरों समस्याओं को जानने के बावजूद देश की बड़ी आबादी जल संरक्षण के प्रति सचेत नहीं है। जहां लोगों को मुश्किल से पानी मिलता है, वहां लोग जल की महत्ता को समझ रहे हैं, लेकिन जिसे बिना किसी परेशानी के जल मिल रहा है, वे ही बेपरवाह नजर आ रहे हैं। आज भी शहरों में फर्श चमकाने, गाड़ी धोने और गैर-जरुरी कार्यों में पानी को निर्ममतापूर्वक बहाया जाता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्लाक समन्वयक देवेन्द्र कदम ने कहे।
समर्थन संस्था सीहोर के माध्यम से वुमन प्लस वाटर अलायंस परियोजना अंतर्गत वाटर एड संस्था के सहयोग से जल समिति सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजन किया गया, उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीहोर जिले के इछावर, नसरूलागंज एवं सीहोर के 40 समिति सदस्यों ने भाग लिया। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का निर्माण ,जल जीवन मिशन अंतर्गत नल जल योजनाओं के रखरखाव एवं संचालन करने हेतु किया गये प्रशिक्षण के माध्यम से निम्न बिंदुओं पर जानकारी दी गई।
-जीवन मिशन का उद्देश्य
-ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति गठन एवं कार्य
-नल जल योजना निर्माण के लिए ग्राम कार्य योजना का निर्माण
-नल जल योजना का रखरखाव एवं संचालन
-पेयजल सुरक्षा-स्त्रोत स्थायित्व योजना निर्माण
-जल कर संग्रहण करने में स्वयं सहायता समूह की भूमिका। वहीं ब्लाक समन्वयक जय मालवी द्वारा बताया गया कि नल जल योजना के सफल संचालन में पानी समितियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है इनको ध्यान में रखते हुए संस्था द्वारा पंचायत प्रतिनिधि, समिति सदस्य एवं स्वयं सहायता समूह सदस्यों को जल जीवन मिशन पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्था द्वारा अभी तक जिले के 100 ग्रामों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामों के लोगों ने अपने अपने ग्राम की पेयजल सुरक्षा योजना एवं संचालन व्यवस्था को सभी के सामने प्रस्तुत किया उक्त कार्यक्रम में ग्राम शालारोंड की समिति अध्यक्षा द्वारा जल समिति के कार्यों और जिमीदारियो को विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि योजना हमारे लिए है इसे हमे ही चलना होगा। कार्यक्रम में जितेंद्र प्रजापति, बलवान ठाकुर, अभिषेक परमार, ज्योति मेवाड़ा, भैयालाल सोलंकी अन्य सदस्य शामिल रहे।

