August 3, 2026

एक जनवरी से जिला चिकित्सालय में अटेण्डरों के लिए पास सिस्टम लागू

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बिना पास के अटेण्डर वार्ड में नही कर सकेंगे प्रवेश, भर्ती मरीज की सहायता के लिए दो अटेण्डर को दिए जाएंगे पास

भर्ती मरीजों से दोपहर 1.30 से 3.30 बजे तक बिना पास के मिल सकेंगे आगंतुक

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित

      अस्पताल में भर्ती  के बेहतर इलाज और मरीजों की देखभाल को दृष्टिगत रखते हुए एक जनवरी 2023 से भर्ती  के अटेण्डर के लिए पास की व्यवस्था अनिवार्य की जा रही है। एक मरीज के साथ दो अटेण्डर को वार्ड में प्रवेश के लिए पास जारी किए जाएंगे। बिना पास के कोई भी व्यक्ति भर्ती  के वार्ड में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिया गया। इस व्यवस्था से जहां एक ओर अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगेगा, वहीं  के इलाज एवं देखभाल व्यवस्थित रूप से हो सकेगी। अस्पताल में भर्ती मरीजो से मिलने आने वाले व्यक्ति दोपहर 1.30 बजे से 3.30 बजे तक मरीजो से मिल सकेंगे। नियत समय में मरीजों से मिलने आने वाले व्यक्तियों के लिए पास अनिवार्य नही होगा।

      बैठक में जिला अस्पताल की साफ-सफाई, सुरक्षा, उपकरणों एवं चिकित्सकों तथा स्टाफ की उपलब्धता के साथ ही अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने जिला अस्पताल में चल रहे कायाकल्प अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि कायाकल्प अभियान के मापदंडों के तहत सभी कार्यवाहियां समय-सीमा में सुनिश्चित करें। बैठक में रोगी कल्याण समिति के सदस्य श्री अखिलेश राय एवं श्री राजकुमार गुप्ता ने अस्पताल की व्यवस्था और  केा दी जाने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने के बारे में अनेक सुझाव दिए। जिला चिकित्सालय में सुरक्षा एवं भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए पास सिस्टम के साथ ही 04 सुरक्षा कर्मी रखने का निर्णय लिया गया।

बैठक में अस्पताल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक नया ट्रांसफार्मर लगाने के प्रस्ताव पर कलेक्टर श्री सिंह ने विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी को बिजली की आवश्यकता का आंकलन कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिला चिकित्सालय में लगी लिफ्ट के संचालन के लिए ऑपरेटर एवं वार्षिक रखरखाव के लिए बजट की व्यवस्था के लिए वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दुकान क्रमांक-15 के आवंटी द्वारा किराए का भुगतान नहीं करने की जानकारी देने पर कलेक्टर श्री सिंह ने दुकानदार द्वारा दुकान की मरम्मत पर किए गए व्यय की वास्तविक गणना के निर्देश दिए ताकि उक्त राशि को किराए में समायोजित किया जा सके। इसके साथ दुकानों के आवंटियों के परिजनों के नाम पर नाम परिवर्तन करने पर नीलामी राशि का दो प्रतिशत तथा परिजनों के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम पर परिवर्तित कराने पर नीलामी राशि का 10 प्रतिशत शुल्क जमा करने का निर्णय लिया गया। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार रोगी कल्याण समिति के बैंक खाते में 20 दिसम्बर 2022 को 96,25,818 रूपए शेष है। बैठक में सीएमएचओ डॉ. एसके डहेरिया, सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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