August 3, 2026

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य केन्द्रों में लटके तालेहड़तालरत कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर कर विरोध प्रदर्शन

0
img_7587

, अपने साथी की अटैक से मौत होने पर दी श्रद्धांजली
सीहोर। लगातार 12 दिनों से जारी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सीधा असर हुआ है। प्रसूति केंद्रों में भी प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिलाओं को परेशान होना पड़ रहा है। ओपीटी से लेकर सरकारी योजनाओं के भुगतान, लैब रिपोर्ट पर हो रहा है। जिले के अनेक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के नहीं होने के कारण ताले लटके पड़े है। 161 सीएचओ ज़िले में है सभी हड़ताल पर है सभी उप स्वास्थ्य केंद्र ख़ाली है। जिसके कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को हड़तालरत कर्मचारियों ने झाडृ लगाकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं अपने साथी की अटैक से मौत होने पर श्रद्धांजली अर्पित की। हड़ताल के 12 वें दिन दो संगठनों ने आंदोलन करने वाले कर्मचारियों का समर्थन भी किया। कांग्रेस सहित अन्य पार्टी के द्वारा हड़तालरत कर्मचारियों का समर्थन देने का सिलसिला जारी है। सोमवार को आष्टा के कर्मचारियों के अलावा स्थानीय कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। मंगलवार को इछावर और श्यामपुर के कर्मचारी शामिल होंगे।
इस संबंध में संघ के जिलाध्यक्ष अंबर मालवीय ने बताया कि सोमवार को हड़तालरत कर्मचारियों ने झाडू लगाकर प्रदर्शन किया इसके पश्चात मण्डला ज़िले के मोहगांव विकासखंड के उप स्वास्थ्य केंद्र हर्राटिकुर में पदस्थ संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता उर्मिला पाटले की हड़ताल के दौरान ह्रदयघात से हुई आकस्मिक मृत्यु पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। हड़तालरत कर्मचारियों को सोमवार को दो संगठनों ने अपना समर्थन दिया। जिसमें एनबीएसके जिला अध्यक्षलाखन सिंह ठाकुर, बलराम सिंह ठाकुर ब्लॉक अध्यक्ष, राजेंद्र सिंह भाटी इछावर, विपिन राठौर श्यामपुर, रमेश दुबे बुधनी, राकेश गुप्ता नसरुल्लागंज। वही मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ की ओर से जिलाध्यक्ष विपिन राठौर भी अपने संघ के पदाधिकारियों के साथ प्रदर्शन करते नजर आए।
उनका कहना है कि प्रदेश के 32 हजार तथा सीहोर जिले के 950 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने गत 15 दिसम्बर से अनिश्चित कालिन हड़ताल शुरू कर दी है। स्वास्थ्य कर्मचारीयों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य विभाग की सेवायें बेपतटरी होते जा रही है है। जननी सुरक्षा, मुख्य मंत्री प्रसूता सहायता योजना, परिवार कल्याण सहित कई कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा एएनएम, लेब टेक्निशियन, डेम, बेम, स्टॉफ नर्स, डाटा इंट्री आपरेटर,आरबीएसके डाक्टर, संविदा डाक्टर, फारमासिस्ट तथा सीएचओ सहित अन्य कई केडर हड़ताल पर रहने से कई स्वास्थ्य संस्थाओ में आज भी ताले लटके हुए थे। हड़तालरत कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल के दौरान भोपाल में शांति पूर्वक धरना दे रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के इशारे पर गिरफ्तार किया गया। उन्हें जेल भेजा गया। जबकि हमारे साथी शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे थे। वे स्वास्थ्य मंत्री महोदय का स्वागत कर अपनी बात रखना चाहते थे। डॉ पाटीदार ने बताया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मी अहिंसा के मार्ग पर चलकर अपनी मांग रख रहे थे तभी सरकार ने 10 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों पर धारा 151 के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 13 नामजद और अन्य के खिलाफ भी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया। सरकार का यह अन्याय पूर्वक रवैया किसी भी सूरत में उचित नहीं है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष अंबर मालवीय, अवधेश प्रताप सिंह, एलम सिंह, रोहित सिसोदिया, नरेंद्र विश्वकर्मा, हरी ओम शिवहरे, संदीप मालवीय, प्रेम सिंह मालवीय, सद्दाम खान, विनोद मालवीय, सुजाता विश्वकर्मा, देवेंद्र बगाना, तहसीन फातिमा, ज्योति राजपूत, गणपति पवार, सौरभ सारस्वत, सतवीर सिंह, विजय कुमार, मनोज कुमार, गीता पवार, जाया मेवाडा, देवकरण, अंजू भदौरिया सहित बड़ी संख्या में हड़तालरत कर्मचारी शामिल थे।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!