कुबेरेश्वरधाम पर 5 जनवरी से रुद्राक्ष वितरण पूर्ण रूप से बंद, आगामी 16 फरवरी से सातों दिन 24 घंटे श्रद्धालुओं को होंगे वितरण
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में गत वर्ष भव्य रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान इन रुद्राक्षों को विशेष मंत्रों के द्वारा अभिमंत्रित किया गया था, इन अभिमंत्रित रुद्राक्षों का लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को लंबे समय से वितरण किया जा रहा था, लेकिन अब आगामी पांच जनवरी से रुद्राक्ष वितरण का कार्य पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा। इस संबंध में भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा और विठलेश सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि 16 फरवरी से होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान ही 24 घंटे वितरण अभिमंत्रित रुद्राक्षों का वितरण किया जाएगा। मंदिर परिसर में आगामी महोत्सव की तैयारियों का कार्य चल रहा है। जिसके चलते रुद्राक्ष वितरण का कार्य बंद किया जा रहा है।
आगामी 16 फरवरी से 22 फरवरी तक होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर इन दिनों समिति की बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, गत दिनों कलेक्टर सहित अन्य आला अधिकारियों ने भी मंदिर परिसर का निरीक्षण किया गया था, इसके अलावा पूर्व में एक बैठक के दौरान सभी समाजनों से सुझाव लिए गए है। उन्होंने बताया कि रुद्वाक्ष महोत्सव महाकुंभ की तरह मनाया जाएगा। इस महोत्सव में हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश और विदेश से शामिल होंगे। यह दूसरा अवसर है, जब किसी स्थान पर विशेष रुद्राक्ष शिवलिंग बनाकर इस तरह का आयोजन किया जाएगा। रुद्राक्ष प्रतिमा का प्रतिदिन दूध, जल व फलों के रसों से अभिषेक किया जाएगा और शिवलिंग में प्रयुक्त सभी रुद्राक्ष क्रम अनुसार श्रद्धालुओं को बांटे जाएंगे।
35 बीघा जमीन में की जाएगी भोजन प्रसादी बनाए जाने की व्यवस्था, इसके अलावा 24 घंटे होगा रुद्राक्ष वितरण
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि आगामी 16 फरवरी को होने वाले महोत्सव को लेकर सभी समाज के लोगों ने संकल्प के साथ अपने-अपने मांगलिक भवन, धर्मशाला आदि में श्रद्धालुओं के ठहराने आदि की व्यवस्था की स्वीकृति दी है। इसके अलावा सभी ने एक मत होकर में पूरा सहयोग महोत्सव के लिए दिया है। इसके अलावा समिति द्वारा 35 बीघा से अधिक जमीन पर भव्य भोजन प्रसादी के निर्माण और खाने की व्यवस्था की है। इसके अलावा 20 बीघा जमीन पर 24 घंटे सातों दिन दो-दो समाज और क्षेत्र के ग्रामीणों के द्वारा रुद्राक्ष वितरण का इंतजाम किया गया है।
विश्व में सनातन को जोड़ने का महान कार्य कर रहे भागवत भूषण श्री मिश्रा
आज सनातम धर्म जो दिन पर दिन पिछड़ता जा रहा था वह विश्व विख्यात कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा के वाचन से एक बार फिर एक माला में पिरोता दिख रहा है। लोगों के अंदर एक बार फिर सनातम धर्म को जानने, समझने वा जुडने की अलख जाग रही है। जैसे जगतगुरू आदि शंकराचार्य जी ने सनातम धर्म को जोड़ने व बचाये रखने के लिए देश-विदेश का भ्रमण किया। उन्हीं की कार्यशैली को अपनाते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा जी भी अपनी शिवमहापुराण कथा के वाचन से देश विदेश में सनातम धर्म को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे है, उनकी कथा में मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को हिंसा मुक्त, मांसाहार मुक्त, निर्मल चरित्र जीवन जीने की सलाह, बड़ो का सम्मान बुजुर्गों की सेवा करना रहता है, उनकी कथा में मुख्य रूप से बताया जाता है कि यदि आपने निश्छल मन से प्राप्त हुआ। इस क्रम को आगे बढ़ते हुए भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा ने देश के कोने-कोने में शिव महापुराण की कथा से सनातन धर्म को पूरी तरह जागरूक कर दिया है, जिससे विरान पड़ें मंदिरों में भगवान के जयकारे गूंज रहे है।
कथा का श्रवण और अनुसरण जरूरी
शिवमहापुराण कथा का श्रवण करते है, तो बड़े से बड़ा संकट दूर हो जायेगा और आपका जीवन सरल, सुन्दर, निर्मल हो जायेगा, यदि आप एक लोटा जल शिव शंकर को समर्पित करते है, शिव शंकर आपको जीवन भर का सुख आपकी झोली मे डाल देगा। उनकी कथा का श्रवण करने के पश्चात जो बदलाव लोगों पर दिख रहा है उसके पीछे पं. प्रदीप मिश्रा जी का मुख्य योगदान है, दिन पर दिन हजारों श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम से जुड रहें हैं और दर्शन के लिए सीहोर पहुंच रहें है। कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन का कार्य निरंतर चल रहा है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद रूपी भोजन को ग्रहण करते है। गत एक जनवरी को नूतन वर्ष के मौके पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की थी। इन दिनों आगामी 16 फरवरी से होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां जोरों पर है।

