August 3, 2026

भगवान श्री राजराजेश्वर सहस्त्रबाहू जी पर की गई टिप्पणी पर कलार समाज के प्रदेशाध्यक्ष राकेश राय ने कहा तत्काल माफी मांगे पंडित धीरेन्द्र शास्त्री

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सीहोर। अपने बयानों के चलते हमेशा सुर्खियों में रहने वाले छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्री राजराजेश्वर सहस्त्रबाहू को कुकर्मी आदि कहा है। इसको लेकर कलार समाज के प्रदेशाध्यक्ष राकेश राय ने कहा कि राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन हमारे आराध्य हैं, हम उनकी संतान हैं, हमारे आराध्य सुदर्शन चक्र के अवतार हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम से पहले रावण को पराजित किया था। अपने बयान को लेकर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री तत्काल माफी मांगे, नहीं तो समाज के द्वारा देश भर में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार गत दिनों पंडित शास्त्री ने कहा, था कि सहस्त्रबाहू जिस वंश से था, उस वंश का नाम था हैहय वंश, हैहय वंश के विनाश के लिए भगवान परशुराम ने परसा अपने हाथ में उठाया। हैहयवंश का राजा बड़ा ही कुकर्मी, साधुओं पर अत्याचार करने वाला था। ऐसे आताताइयों के खिलाफ भगवान परशुराम ने परसा उठाया और शास्त्र में कहा गया है कि साधु का काम ही है कि दुष्टों को ठिकाने लगाते रहना और उन्होंने हैहय वंश के राजाओं को मारना प्रारंभ किया, लेकिन शास्त्र की मर्यादाओं का पालन करते हुए कभी भी न तो स्त्रियों पर अपना परसा उठाया, न ही बालकों पर अपना परसा उठाया, न बालिकाओं पर अपना परसा उठाया। जब एक बार आताताई राजाओं को मार दिया फिर उनके बच्चों को हाथ नहीं लगाया, और जब वह बच्चे युवा हुए और उन्होंने भी अत्याचार प्रारंभ किया और उन्होंने भी अपने पिता का बदला लेने के लिए भगवान परशुराम पर आक्रमण किया तो फिर भगवान परशुराम ने उन आताताइयों का वध किया, फिर उनकी संतान हुई फिर उनका वध किया। ऐसे क्रम में 21 बार पृथ्वी को क्षत्रीय विहिन किया। कलार समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री राय ने महाराज से बयान पर माफी मांगने की अपील की है।

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