हिन्दू मुस्लिम एकता सौहार्द की प्रतीक हजरत दुल्हा बादशाह बाबा की दरगाह पर तीन दिवसीय उर्स मेला सम्पन्न
रूहानी कव्वालियों का रात भर चलता रहा बड़ा सिलसिला
हजरत दुल्हा बादशाह बाबा से की देश में अमन चैन की दुआ

सीहोर। रूहानी कव्वालियों का रात भर बड़ा सिलसिला चलता रहा। मशहूर कव्वालों ने खुदा की इवादत में अपने कलाम पेश किए। लोगों ने जहां उर्स मेले में लगी दुकानों से जमकर खरीदी की वहीं बच्चों ने छोटे बड़े झूलों और मिठाईयों का लुफ्त भी उठाया। हजारों लोगों ने हजरत दुल्हा बादशाह बाबा से देश में अमन चैन की दुआ की। हिन्दू मुस्लिम एकता सौहार्द की प्रतीक हजरत दुल्हा बादशाह बाबा की दरगाह पर तीन दिवसीय भव्य उर्स मेला आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा रहे। रंग और संदल के बाद हरजत दुल्हा बादशाह बाबा का 55 वां भव्य उर्स मेला सम्पन्न हुआ।

दुल्हाबादशाह बाबा की दरगाह पर उर्स मेला बुधवार से चादर चड़ाने के बाद शुरू हो गया था। वार्षिक तीन दिवसीय उर्स मेला आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा एवं भाजपा राष्ट्रीय पसमांदा मुस्लिम महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं उर्स कमेटी सचिव नौशाद खान एवं हजरत बाबा दुल्हाबादशाह उर्स मेला कमेटी अध्यक्ष रिजवान पठान उपाध्यक्ष सेवा यादव के द्वारा मंच पर सभी वर्गो के धर्मगुरूओं सहित मशहूर कव्वाल जुनेद सुल्तानी,महबूब मोसीन, कासम झंकार कव्वाल तारिक मियां पूर्व पार्षद फजल कुरैशी, शब्बीर हुसैन, इरफान बेल्डर, इरफान लाला और कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों का सदभाव सौहार्द के लिए शाल भेंटकर फूल मालाएं पहनाकर पगड़ी बांधकर एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया।
कार्यकर्ता तहसील चौराहा से बेडबाजों के साथ दरगाह तक चादर ले गए। चादर के बाद मिलाद शारीफ 2 घंटे तक चलता रहा। गुरुवार 4 मई को महबूब मोसीन, कासम झंकार ने कव्वालियां देर तक प्रस्तुत की। जिस के बाद शुक्रवार 5 मई को बड़ा प्रोग्राम हुआ जिस में मशहूर कव्वाल जुनेद सुल्तानी ने अपने कलाम पेश किए। हजरत बाबा दूल्हा बादशाह की दरगाह पर उर्स मेला में सीहोर जिला सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न जिले से लगभग 30 हजार श्रद्धालु शामिल हुए।