विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
62 व्यक्तियों की मानसिक रोग से संबंधित जांच कर 08 व्यक्ति मानसिक रोग के चिहिन्त किए गए
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता ने कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। नकारात्मक बातें जैसे न उम्मीदी, फंसा हुआ महसूस करना, जीवन जीने की कोई वजह न होना, दूसरों पर बोझ होना, अपने आप में खोएं रहना अकेले रहना, मूड में परिवर्तन, उदास रहना, लापरवाही या जोखिम भरा व्यवहार करना ये सब मानसिक रोग के लक्षण है, जिससे व्यक्ति आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने पर कई बार मजबूर हो जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि समय रहते इसका उपचार किया जा सकें। कार्यक्रम में क्लिनिकल सॉयकोलॉजिस्ट पल्लवी सोलंकी ने भी इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके चतुर्वेदी सहित विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी तथा मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
