पंडित प्रदीप मिश्रा की झांकी को मिला प्रथम पुरस्कार, पशुपति व्रत को लेकर बनाई दी झांकी



अनंत चतुर्दशी की झांकियां, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने किया पुरस्कृत
प्रथम झांकी को दिए 51 सौ और चार फीट की ट्राफी
नपाध्यक्ष की पहल पर 15 से अखाड़े और एक दर्जन से अधिक झांकी निकाली गई
प्रत्येक अखाड़े को नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने प्रदान की 11 हजार रुपए की राशि
सीहोर। अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली झांकियों का कारवां देर रात से सडक़ों पर निकलना शुरू हुआ जो सुबह तक निकलती रही. अखाड़ों के साथ निकल रही इन झांकियों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग शहर के मेन रोड पर पहुंचे। जहां लोग अपनी व्यवस्थाओं के साथ सडक़ किनारे झांकियों को निहारने के लिए परिवार के साथ बैठे नजर आए।
लगातार दूसरी बार अनंत चतुर्दशी पर यह नजारा देख हर कोई खुश नजर आ रहा था। नगर पालिका के अध्यक्ष प्रिंस राठौर की पहल के कारण इस साल एक दर्जन अखाड़ों के कलाकारों ने अपने करतब दिखाए. वहीं अनेक झिलमिलाती झांकियों से एक बार फिर से सीहोर की वर्षों पुरानी परंपरा जीवंत हो उठी। क्षेत्र के लोगों ने चल समारोह में रात भर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने अखाड़े और झांकियों के प्रदर्शन को देखा सुबह सात बजे तक झांकी लीसा टाकीज चौराहे पर पहुंची। इस मौके पर भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला। विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में इस बार भी दो झांकी का निर्माण किया गया था। जिसमें एक पशुपति व्रत और दूसरी भगवान शिव की बारात की तर्ज पर निकाली गई थी। सुबह नपाध्यक्ष श्री राठौर ने मंच पर पहुंचकर समिति के समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा, मनोज दीक्षित मामा सहित अन्य को प्रथम पुरस्कार के रूप में 51 सौ रुपए की राशि और चार फीट की ट्राफी प्रदान की। अखाड़े के इस प्रदर्शन को देखकर नपाध्यक्ष श्री राठौर भी भाला लेकर मैदान में आ गए है अपनी कला का प्रदर्शन किया।
शहर के लीसा टॉकिज पर नगर पालिका द्वारा भव्य मंच बनाया गया था। जहां पर नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राठौर सहित सभी पार्षदों और क्षेत्रवासियों ने झांकियों के साथ चल रहे अखाड़ों के उस्तादों को मंच पर बुलाकर सम्मान के साथ आर्थिक रूप से पुरस्कृत किया। अध्यक्ष ने पुरस्कार के रूप में झांकियों का निर्माण करने वाले और अखाडों को नगद राशि प्रदान की। नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर की घोषणा और उत्साहवर्धन का नतीजा था कि लगातार दूसरी बार शहर में अनंत चतुर्दशी का माहौल था। इस मौके पर नपाध्यक्ष श्री राठौर ने सभी अखाड़ों को 11 हजार रुपए की राशि प्रदान की थी, इसके अलावा झांकी में दूसरा पुरस्कार कावड़ा यात्रा और तीसरा पुरस्कार दशहरा बाग की झांकी को मिला था। जिसका निर्माण रमेश केवट, राजू भदौरिया, मनीष, तरुण और प्रेम भदौरिया ने किया था।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पार्षद लोकेन्द्र वर्मा ने बताया कि झिलमिलाती झांकियां अलग-अलग जगहों से निकलकर नगर भ्रमण के लिए सडक़ों पर उतरी। वहीं इससे पहले सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। हर साल की तरह इस बार भी सडक़ के दोनों ओर खेल खिलौनों से सजी दुकानें और खाद्य सामग्री के स्टाल नजर आ रहे थे. दूर-दूर से आए लोग सडक़ किनारे अपनी-अपनी जगह पर जमे हुए झांकियों को निहार रहे थे। वहीं झांकियों के साथ अखाड़े भी अपना करतब दिखा रहे थे। झांकियों ने एक बार फिर सीहोर की परंपरा को जीवंत कर दिया और इंदौर की तर्ज पर झांकियों का कारंवा सडक़ पर नजर आया। इस मौके पर सभी क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर की पहल का स्वागत किया। इस मौके पर परिषद के पार्षदों के अलावा नगर पालिका का स्टाफ आदि शामिल था।