सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के सम्बंध में न्यायाधीशों द्वारा पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
सीहोर,
मोटर दुर्घटना दावा क्षतिपूर्ति के प्रकरणों के सम्बंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के सम्बंध में पुलिस अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम एडीएआर सेंटर भवन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अमिताभ मिश्र ने कहा कि मोटरयान संशोधन अधिनियम एवं नियम मोटर दुर्घटना प्रकरणों के अन्वेषण एवं दुर्घटना दावा प्रस्तुति की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएंगे। साथ ही प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी संभव हो सकेगा। इस प्रक्रिया में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम सभी का यह कर्तव्य है कि इस अधिनियम एवं नियमों के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी ने कहा कि मोटर दुर्घटना दावा ऐसी प्रक्रिया है जिसके बारे में सभी को पता होना चाहिए एवं मोटरयान अधिनियम एवं नियमों का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ित को त्वरित अनुतोष दिलाना है। पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी सीहोर ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसके सम्बंध में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशालाएं आयोजित होना चाहिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मुकेश कुमार दांगी एवं प्रथम जिला न्यायाधीश श्री संजय कुमार शाही द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गोहर मोहम्मद विरूद्ध उत्तरप्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन व अन्य में पारित दिशा निर्देशों, मोटरयान संशोधन अधिनियम एवं मोटरयान नियम 2022 के प्रावधानों, माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अर्नेश कुमार एवं सत्येन्द्र कुमार प्रकरणों में, माननीय उच्च न्यायालय के विविध आप. प्र.क्र. 32735/2023 मोहम्मद लुथफर विरूद्ध स्टेट ऑफ मध्यप्रदेश में जारी दिशा निर्देशों तथा पीड़ित प्रतिकर योजना के सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री सुरेश सिंह, जिला न्यायाधीश श्री अभिलाष जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अर्चना नायडू बोडे सहित अन्य न्यायाधीश, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स एवं जिले के समस्त पुलिस थानों से आये अन्वेषक, उप निरीक्षक एवं निरीक्षक उपस्थित थे।
