August 3, 2026

कुबेरेश्वरधाम पर बन रही तिरुपति और शिर्डी से भी बड़ी भोजनशाला

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कुबेरेश्वरधाम पर देश की सबसे अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन का किया जाएगा शुभारंभ
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में आगामी डेढ़ माह में तिरुपति और शिर्डी से भी बड़ी भोजनशाला का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसको लेकर भागवत भूषण गुरुदेव पंडित प्रदीप मिश्रा ने यहां पर जारी अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन का जायजा लिया। मंदिर परिसर करीब 50 एकड़ से अधिक हिस्से में गौशाला, शिवलिंग का निर्माण सहित अन्य का निर्माण कार्य जारी है। वहीं 21 हजार स्क्वायर फीट से अधिक हिस्से में आधुनिक रसोईघर का निर्माण किया जाएगा। देश की सबसे अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन में एक वक्त में 50 हजार से अधिक लोग भोजन प्रसादी प्राप्त कर पाएंगे और अगर एक दिन की क्षमता की बात करें तो हम 1 लाख श्रद्धालुओं को भी भोजन प्रसादी उपलब्ध करवा सकते हैं। उसके मुताबिक किचन से लेकर सभी सुविधाएं जुटाई गई है।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि देश ही नहीं मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम मंदिर को हाईटेक बनाने का काम लगातार चल रहा है। अब मंदिर में देश की सबसे आधुनिक भोजशाला तैयार की जा रही है। ये शिर्डी और तिरुपति से भी ज्यादा बड़ी होगी। बाबा के दरबार में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भोजनप्रसादी का लाभ मिल सकेगा। यहां अत्याधुनिक और ऑटोमेटिक किचन और डाइनिंग रूम बनाया जाएगा। जिसमें हजारों की संख्या में आने वाले भक्त एक साथ बैठकर खाना खा सकेंगे।
कुबेरेश्वरधाम मंदिर में लाखों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन के लिए धाम पर आते हैं। यहां पर रुद्राक्ष महोत्सव और भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा की प्रेरणाओं से प्रभावित होकर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। धाम अब जल्द ही पूरी तरह हाईटेक हो जाएगा। अब इसमें विशाल रसोई क्षेत्र बनाया जा रहा है। ये शिर्डी और तिरुपति मंदिर से भी ज्यादा ऑटोमेटिक और विशाल होगा। इसके लिए मशीन बनाने के ऑर्डर दिए गए है और कई मशीन यहां पर लगाई गई है। कुबेरेश्वरधाम के पीछे नए अन्न क्षेत्र में मशीन स्टॉल कर दी जाएगी। इस क्षेत्र में एक साथ 50 हजार से अधिक श्रद्धालु बैठकर खाना खा सकेंगे।
भागवत भूषण गुरुदेव पंडित श्री मिश्रा के मार्गदर्शन में नई भोजनशाला का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। डेढ़ माह में इसका शुभारंभ हो जाएगा। कुबेरेश्वरधाम का आधुनिक किचन पूरी तरह भांप से भोजन तैयार होगा। ये ऑटोमोडेड रहेगा। बड़े-बड़े वैजल्स रहेंगे. दाल, चावल, सब्जियों के लिए टाइमर सेट रहेगा, ऑटोमेटिक चपाती मशीन होगी, कोल्ड स्टोरेज होगा, इसमें डिश वॉशर भी रहेंगे। इस भोजनशाला में एक लाख से अधिक लोग भोजन कर लें, इतना भोजन तैयार होगा। शिर्डी, तिरुपति बालाजी और वैष्णों देवी सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर जो किचन चलते हैं, वैसा ही कुबेरेश्वरधाम में रसोईघर तैयार किया जाएगा। भरपेट भोजन की व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक भोजनशाला का निर्माण किया जा रहा है।
पीने के पानी के लिए भी आरओ वॉटर सिस्टम रहेगा
धाम पर बनाए जा रहे रसोईघर में जो मशीनें हैं वह सब्जी काटने, आटा गूंदने, छानने से लेकर दाल-चावल, सब्जी पकाने का काम ऑटोमैटिक तरीके से करती है। वहीं रोटी मेकर की भी विशाल मशीनें लगाई है, जो एक घंटे में हजारों की संख्या में रोटी बना देती है। सब्जी और अन्य सामग्री धुलकर कोल्ड स्टोरेज में रखने की भी सुविधा है। वहीं भोजन परोसने के लिए स्टील की विशाल ट्रालियां भी बुलवाई गई है और ऑटोमैटिक डिश वॉटर प्लांट भी लगाया गया है। बारह से यह मशीन बुलवाई है, जो कि अपने आप बर्तन साफ कर सुखाकर बाहर निकाल देगी। करीब 21 हजार स्क्वेयर फीट से अधिक में यह अन्नक्षेत्र बनाया गया है और इसके किचन की क्षमता एक दिन में एक लाख श्रद्धालुओं के भोजन प्रसादी तैयार करने की है। पीने के पानी के लिए भी आरओ वॉटर सिस्टम रहेगा। देश में कहीं पर भी इतना हाईटेक अन्न क्षेत्र फिलहाल नहीं है।

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