राष्ट्रीय उपभोक्ता परिषद ने बताया दुकानदार से बिल लेना जरूरी
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करना


सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के तत्वाधान में सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के द्वारा किया जा रहा है। इस मौके पर पहले दिन शहर के चाणक्यपुरी स्थित एसजीएम कालेज में शुक्रवार को किया गया।
इस मौके पर राष्ट्रीय उपभोक्ता परिषद के जिलाध्यक्ष विष्णु सम्राट प्रजापति ने कहा कि परिषद के द्वारा साल भी कई गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। उपभोक्ताओं को जागरूकता अभियान के तहत सात दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम के दौरान प्रियल वेलफेयर फाउंडेशन के हिमांशु निगम, परिषद के गगन खत्री, मनीष परमार के अलावा विशेष अतिथि एलएस सेन, राम बाबू सक्सेना, सुनील चौकसे, नंद किशोर संघानी, हरिओम शर्मा दाऊ का यहां पर मौजूद विद्यार्थियों ने स्वागत और सम्मान किया।
इस मौके पर परिषद के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने यहां पर मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी उपभोक्ता है, सरकार ने हमें अधिकार दिए है। अगर आपने कुछ खरीदा है तो उसका बिल लेना आपका अधिकार है। दुकानदार बिल देने से इंकार नहीं कर सकता। अगर दुकानदार बिल नहीं दे रहा है तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं। देखने में आता है कि अक्सर लोग छोटी-मोटी खरीदारी करते वक्त बिल लेने का ध्यान नहीं रखते। आपकी यह लापरवाही आपके लिए भारी पड़ सकती है। किसी भी सामान की खरीदी पर यदि कोई समस्या आती है तो बिल के बगैर आप न्यायालय में यह साबित ही नहीं कर पाएंगे कि आपने उक्त दुकानदार से सामान खरीदा है। अगर कोई दुकानदार आपको बिल नहीं दे रहा है तो आप उसकी शिकायत कलेक्टर कार्यालय, नापतौल विभाग या खाद्य नियंत्रक के समक्ष कर सकते हैं। इस अधिनियम का उद्देश्य खराब सामान, त्रुटिपूर्ण सेवाओं और अनुचित व्यापार परिपाटियां जैसे विभिन्न प्रकार के शोषण से उपभोक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करना है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता आंदोलन के महत्व, प्रत्येक उपभोक्ता को उसके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता को रेखांकित करना है।