कुबेरेश्वरधाम पर नेत्र जांच शिविर में 785 मरीजों की जांच, 2 को मोतियाबिंद
सीहोर। सोमवार को जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के निर्देशानुसार विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में शहर के प्रसिद्ध गोविन्द नेत्रालय एवं ज्योति सोशल एंड कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी सीहोर के सहयोग से निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। निशुल्क नेत्र जांच शिविर में करीब 785 मरीजों की आंखों की जांच ऑटोमेटिक आधुनिक मशीन के द्वारा परामर्श दिया। जिन 2 मरीजों में मोतियाबिंद पाया गया है, उन्हें आगामी दिनों में लगने वाले निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में नेत्र लेंस प्रत्यारोपण के ऑपरेशन करवाने की सलाह दी।
इस मौके पर समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, जितेन्द्र तिवारी और मनोज दीक्षित मामा, प्रदीप साबू ने नेत्रालय से आई टीम और चिकित्सक का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा से बढ़कर पुण्य का कोई काम नहीं है और आंखें इस शरीर का सबसे अनमोल अंग है। इनकी हिफाजत करना बेहद जरूरी है। शिविर में शहर के प्रसिद्ध गोविन्द नेत्रालय के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र मंधानी ने मरीजों की जांच कर उनको आंखों से संबंधित परामर्श देते हुए निशुल्क दवाएं भी दी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मंधानी ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए आंखों की देखभाल बहुत ही जरूरी है। आंखों की बीमारी से बचने के लिए विटामिन ए तथा सी से भरपूर भोजन लेना चाहिए। ताजा व हरी सब्जियां आंखों को उर्जा प्रदान करतीं हैं। कंप्यूटर पर काम करने के दौरान निरंतरता से बचें। आंखों में कुछ पड़ जाने पर रगड़ें नहीं। पानी से आंख को अच्छी तरह धो लें। बाहर धूप में निकलें तो चश्मा अवश्य लगाएं।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि सोमवार को भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के आदेशानुसार हर सप्ताह विभिन्न बीमारियों को लेकर जांच शिविर का आयोजन किया जाता है, इस साल भी विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में इसकी शुरूआत की गई है। इन दिनों मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे है। सोमवार को सुबह दस बजे निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था। मात्र कुछ घंटे में ही गोविन्द नेत्रालय एवं ज्योति सोशल एंड कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी सीहोर के द्वारा करीब 785 से अधिक मरीजों की जांच के साथ ही परामर्श और दवाई का वितरण किया गया। जांच के दौरान करीब दो मरीजों को मोतियाबिंद पाया गया है, जिनके आपरेशन आदि की व्यवस्था समिति के द्वारा की जाएगी।

