गल्ला मंडी से शिव सेवा समिति के तत्वाधान में भव्य कावड़ यात्रा का समापन, मां नर्मदा के जल से किया भगवान भोले का अभिषेककांधे पर कांवड़, जुबां पर बम बम, शहर में बही आस्था की बयार
सीहोर। सावन के पवित्र माह में भगवान महादेव को प्रसन्न करने व क्षेत्र सहित प्रदेश की खुशहाली के पिछले 18 सालों से शहर के गल्ला मंडी से शिव सेवा समिति के तत्वाधान में भव्य कावड़ यात्रा का समापन नर्मदा का जल लाकर शहर के तहसील चौराहा स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक कर किया गया। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का अनेक स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। कावड यात्रा शहर के गत गुरुवार को निकाली गई थी। वहीं सोमवार को करीब 90 किलोमीटर की यात्रा कर कावड़ यात्री कांधे पर कावड़ रखे, जुबां पर बम-बम के जयकारे के साथ शहर में पहुंचे। नीलकंठ से शहर तक अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया गया।
शहर आगमन पर कांवड़ लिए धार्मिक भजनों की धुन पर नाचते गाते हुए कावडिय़ों का जत्थ शहर के अनेक स्थानों पर निकाला गया। इस संबंध में गल्ला मंडी तुलावट संघ के पूर्व अध्यक्ष ताराचंद यादव ने बताया कि सालों से गल्ला मंडी व्यापारी राजेश खंडेलवाल के नेतृत्व में हर साल कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। वर्ष 2004 से आरंभ हुई यह कांवड़ यात्रा करीब 18 सालों से लगातार चल रही है। कांवड यात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ पैदल चलते हुए पांच दिनों की यात्रा का समापन मां नर्मदा के जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हुए आ रहे है। धार्मिक संदर्भ में कहें तो इंसान ने अपनी स्वार्थपरक नियति से शिव को रूष्ट किया है। कांवड यात्रा का आयोजन अति सुन्दर बात है। लेकिन शिव को प्रसन्न करने के लिए इन आयोजन में भागीदारी करने वालों को इसकी महत्ता भी समझनी होगी। प्रतीकात्मक तौर पर कांवड यात्रा का संदेश इतना भर है कि आप जीवनदायिनी नदियों के लोटे भर जल से जिस भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हें वे शिव वास्तव में सृष्टि का ही दूसरा रूप हैं। शहर में प्रवेश करने पर राजेश भूरा यादव, ऊंकार यादव, रामचंद्र राठौर, गब्बर यादव, अरविन्द यादव, बंटी यादव, गोपाल यादव आदि शामिल थे।

