आष्टा नगर पालिका अध्यक्ष के लिए जोर आजमाइश शुरूकई पार्षद शहर से बाहर
परिजन बोले- घुमने गए तो किसी ने कहा तीर्थ दर्शन पर गए


आष्टा। नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद अध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक दांव पेंच भी शुरू हो गए हैं। जब तक नगर पालिका अध्यक्ष नहीं बैठ जाता भाजपा के अध्यक्ष पद के दावेदारो के लिए आराम हराम है।
क्योंकि वर्तमान में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत हासिल है और भाजपा के पास पार्षदों की कुल संख्या 11 हो चुकी है!
लेकिन भाजपा के लिए परेशानी यह है की इन 11 पार्षद में से 4 पार्षद नगरपालिका अध्यक्ष की दौड़ में शामिल है
जिसके चलते यह चारों दावेदार अध्यक्ष की जोड़ तोड़ में लग गए है
और पार्टी ने यदि एक को अध्यक्ष पद के लिए अधिकृत किया तो अन्य दावेदार जोड़ तोड़ के लिए अभी से गणित सेट कर बैठना चाहते है।
वही इन दावेदारों को डर भी है की एक भी पार्षद खेमे से बाहर हुआ, तो अध्यक्ष की सीट में भी उलट फेर होने की संभावना बन सकती है
परिणाम पर नजर डाले तो भाजपा के 9, कांग्रेस के 4 और 5 निर्दलीय प्रत्याशी विजय हुआ है। वही दो निर्दलीय जो अभी अभी भाजपा में शामिल हुए है उन्हें जोड़े तो भाजपा के पास कुल 11पार्षद हो जाते है जिससे भाजपा की राह आसान हो चुकी है
ऐसे में भाजपा के चारों दावेदारों के लिए एक-एक पार्षद कीमती है। जिसके लिए जोड़-तोड़ भी शुरू हो चूका है ।
आष्टा नगरपालिका अध्यक्ष के दावेदार
भाजपा से आष्टा नगरपालिका के अध्यक्ष पद के दावेदार हेम कुमार राय सिंह मेवाडा, अनीता कालू भट्ट ,लता कल्लू मुकाती ,अंजली विशाल चौरसिया और यह चारों ही पूरा दमखम लगा रहे हैं कि किसी भी तरह अध्यक्ष पद मिल जाए यही कारण है कि पिछले 1 हफ्ते से चारों ही अध्यक्ष पद के दावेदारों में कोई भोपाल जा रहा है तो कोई दिल्ली तक। मतलब कोई भी दावेदार कम नहीं पड़ रहा है बाहर हाल यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि आष्टा नगरपालिका के अध्यक्ष की कुर्सी किसको मिलती है।


कई पार्षद शहर से बाहर
परिजनों से पूछा तो उन्होंने कहा कि बाहर गए है किसी ने कहा इंदौर मीटिंग में गए है, किसी ने कहा उज्जैन गए है किसी ने कहा अजमेर गए है, किसी ना कहा की जयपुर गए है।
