सलकनपुर में भक्तों की उमंग ने हराया इंद्रदेव का मिज़ाज, मां विजयासन के दरबार में उमड़ा सागर सा जनसैलाब
सलकनपुर/सीहोर
मुकेश मेहता
शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सलकनपुर शक्ति धाम ने रविवार को भक्ति और आस्था का ऐसा अद्भुत नज़ारा देखा, जो बरसों याद रहेगा। आसमान से बरसती बूंदें भी भक्तों के हौसले को कमज़ोर न कर सकीं। इंद्रदेव की मेहरबानी के बीच दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां विजयासन देवी के चरणों में शीश नवाया।
भक्ति की अनोखी झलक
कोई नंगे पैर तपती-पथरीली राह पर चलता रहा, कोई लेटकर सीढ़ियां चढ़ा, तो कोई भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की थाप पर मां का जयगान करता हुआ आगे बढ़ता रहा। हर दिशा से आती आस्था की यह लहर सलकनपुर धाम में मिलकर भक्ति का महासंगम बन गई।
सीढ़ी मार्ग बना श्रद्धा का दरिया
मंदिर तक जाने वाला मुख्य सीढ़ी मार्ग दिनभर खचाखच भरा रहा। जयकारों की गूंज, टिमटिमाते दीपक और भीगी हवाओं ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। भक्तों की कतारें इस कदर लंबी थीं कि मानो मां विजयासन की शक्ति खींचकर हर किसी को अपने दरबार में बुला रही हो।
सीमा पार से भी पहुंचे श्रद्धालु
केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और राजस्थान से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे। हरदा, भोपाल, नर्मदापुरम और खातेगांव जैसे शहरों से निकली पदयात्राओं ने पूरे मार्ग को भक्ति-पथ बना दिया।
प्रशासन का पहरा, सेवा का संगम
इतने विशाल जनसैलाब के बीच प्रशासन और पुलिस की सख़्त निगरानी रही। पहाड़ी पर पार्किंग की जगह सीमित होने से वाहनों को नीचे से ही नियंत्रित किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप लगाए, वहीं नगर पंचायत और सामाजिक संगठनों ने ठंडे पेयजल व सेवा कार्यों से श्रद्धालुओं को राहत दी।
महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए अलग कतारें बनाकर व्यवस्था को सरल और सहज बनाया गया।
नवरात्र का चरम उत्सव
रविवार को सलकनपुर धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि आस्था और ऊर्जा का ऐसा अखंड संगम बन गया,
जहां हर चेहरे पर भक्ति का तेज और हर कदम पर मां विजयासन के प्रति अटूट विश्वास झलक रहा था।
पुलिस-प्रशासन की ‘चाक-चौबंद’ सेवा
श्रद्धालुओं की इस विशाल भीड़ को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने विशेष व्यवस्था कर स्थिति को नियंत्रित रखा।
इनका कहना
राजेश कहारे
थाना प्रभारी रेहटी
भीड़ और यातायात प्रबंधन चार पहिया और दो पहिया वाहनों की अधिकता के कारण, पुलिस ने पहाड़ी पर स्थित पार्किंग क्षमता को देखते हुए, वाहनों को नीचे से नियंत्रित तरीके से छोड़ा।



