घोर कलयुग: अय्याशी के लिए माँ ने कराई अपनी ही बेटी की हत्या!
प्रेम संबंध में बाधा बनी 9 वर्षीय मासूम, प्रेमी संग रचा षड्यंत्र
रेहटी पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज खुलासा
बुधनी /रेहटी
मुकेश मेहता
. 9425342666
रेहटी थाना क्षेत्र के ग्राम बाबरी से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जहां एक माँ ने अपने ही प्रेम संबंध में बाधा बन रही 9 वर्षीय मासूम बेटी की हत्या अपने प्रेमी से करवा दी। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 17 फरवरी 2026 को फरियादिया सुषमा यदुवंशी (35 वर्ष), निवासी ग्राम बाबरी, थाना रेहटी ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 9 वर्षीय पुत्री राधिका की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गला घोंटकर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 95/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की।
पुलिस की तत्परता से हुआ खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षक राजेश कहारे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान संदेह के आधार पर राहुल यदुवंशी (36 वर्ष), निवासी ग्राम बाबरी से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया।
आरोपी राहुल ने स्वीकार किया कि उसका सुषमा यदुवंशी के साथ पूर्व से प्रेम संबंध था। दोनों के मिलने-जुलने में सुषमा की पुत्री राधिका बाधा बनती थी। इसी कारण दोनों ने मिलकर बच्ची को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा।
योजना के अनुसार 17 फरवरी की सुबह सुषमा मजदूरी के बहाने घर से निकल गई और राहुल को संकेत दिया कि बच्ची घर पर अकेली है। लगभग 11:30 बजे राहुल घर में घुसा और मासूम राधिका का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर धारा 62(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है।
गिरफ्तार आरोपी
1. राहुल यदुवंशी (36 वर्ष), निवासी ग्राम बाबरी, थाना रेहटी, जिला सीहोर
2. सुषमा यदुवंशी (35 वर्ष), निवासी ग्राम बाबरी, थाना रेहटी, जिला सीहोर
गांव में आक्रोश, पुलिस कार्यवाही पर भी उठे सवाल
घटना के बाद ग्राम बाबरी में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई लोगों को संदेह के आधार पर उठाया गया, जिनका महिला के घर आना-जाना था, लेकिन अंततः मामला केवल दो आरोपियों पर ही बनाया गया। इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और पुलिस कार्यवाही की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक पतन का आईना है। जब माँ ही अपनी संतान की दुश्मन बन जाए तो समाज किस ओर जा रहा है? रिश्तों की पवित्रता, मातृत्व की ममता और मानवीय संवेदनाएं क्या केवल शब्द बनकर रह जाएंगी?
रेहटी की यह घटना पूरे समाज को झकझोरने वाली है। जरूरत है कि हम अपने परिवार और संस्कारों को मजबूत करें, ताकि ऐसी अमानवीय घटनाएं दोबारा न हों।
