नगर में बढ़ती चोरी की वारदातों पर लगाम के लिए चौराहों पर फिर लगने चाहिए सीसीटीवी कैमरे

मुकेश मेहता
रेहटी। नगर में लगातार बढ़ रही घरों और दोपहिया वाहनों की चोरी की घटनाओं ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में वर्षों पहले नगर परिषद द्वारा नगर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का बंद होना अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारों का कहना है कि यदि नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे दोबारा स्थापित कर दिए जाएं, तो चोरी जैसी घटनाओं की रोकथाम में पुलिस को काफी मदद मिल सकती है। वर्तमान में किसी भी वारदात के बाद पुलिस को आरोपियों की तलाश में आसपास की दुकानों और निजी प्रतिष्ठानों के कैमरों की फुटेज जुटाने के लिए दुकान-दुकान भटकना पड़ता है, जिससे जांच में समय लगता है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरे सक्रिय रहने से संदिग्ध वाहनों और बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और अपराधों का शीघ्र खुलासा भी हो सकेगा। इससे पुलिस की कार्रवाई अधिक प्रभावी बनेगी।
वहीं, इस संबंध में नगर परिषद का कहना है कि पहले लगाए गए अधिकांश कैमरे पूरी तरह खराब हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, पुराने कैमरों की मरम्मत पर नया सिस्टम लगाने जितना खर्च आएगा, जबकि वर्तमान में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए परिषद के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है।
नगरवासियों का मानना है कि नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए नगर परिषद को इस दिशा में प्राथमिकता से पहल करनी चाहिए। यदि शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं, तो पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी और चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।