August 4, 2026

RTO लिखी बोलेरो की आड़ में सागौन तस्करी का बड़ा खेल! हूटर लगाकर बेखौफ घूम रहे थे तस्कर, वन विभाग की कार्रवाई में हुआ खुलासा

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19 नग सागौन सिल्ली, दो वाहन और चार आरोपी गिरफ्तार, सरकारी विभागों के नाम लिखे वाहनों के दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल

बोलेरो पर “RTO” लिखकर और हूटर लगाकर किया जा रहा था अवैध सागौन परिवहन।

लगभग 2 लाख रुपये कीमत की 19 नग सागौन सिल्ली जब्त

वन विभाग ने होंडा सिटी और बोलेरो सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

सूत्रों के अनुसार पकड़ी गई बोलेरो नर्मदापुरम RTO कार्यालय से अटैच बताई जा रही है।

सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर जांच से बचने की आशंका, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू।

मुकेश मेहता

बुधनी /रेहटी वनमंडल औबेदुल्लागंज के पद्मश्री डॉ. व्ही.एस. वाकणक र रातापानी टाइगर रिजर्व अंतर्गत देलावाड़ी परिक्षेत्र के अमड़ो क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध सागौन तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 19 नग सागौन की सिल्ली, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है, जब्त की गई। साथ ही एक होंडा सिटी कार और एक बोलेरो वाहन भी जब्त किए गए।

 

कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पकड़ी गई बोलेरो पर बड़े अक्षरों में “RTO” लिखा हुआ था तथा उस पर हूटर भी लगा था। आशंका जताई जा रही है कि वाहन को सरकारी वाहन जैसा स्वरूप देकर जांच से बचने और अवैध लकड़ी का परिवहन करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे वाहनों को अक्सर बिना जांच के निकल जाने दिया जाता है, जिसका फायदा तस्कर उठाते हैं।

 

सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई बोलेरो नर्मदापुरम RTO कार्यालय से अटैच बताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह मामला केवल वन अपराध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी कार्य से जुड़े वाहन या उसके नाम के दुरुपयोग की भी गंभीर जांच का विषय बनेगा।

 

वन विभाग ने इस कार्रवाई में सुरेश पिता कान्हा निवासी सुरई ढाबा, अर्पित यादव पिता शारदा प्रसाद यादव निवासी मालाखेड़ी, नीलेश यादव पिता छोटेलाल यादव निवासी मालाखेड़ी तथा सोहेल शेख पिता नासिर शेख निवासी मालाखेड़ी (नर्मदापुरम) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।

 

यह मामला एक बार फिर सरकारी विभागों के नाम लिखकर चलने वाले निजी वाहनों पर सवाल खड़े करता है। RTO, पुलिस, प्रेस सहित विभिन्न विभागों के नाम लिखे वाहनों का दुरुपयोग कर अपराधी कानून की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास करते हैं। यदि ऐसे वाहनों का नियमित सत्यापन और सघन जांच की जाए तो वन तस्करी सहित कई संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

 

वन विशेषज्ञों का कहना है कि सागौन जैसे बहुमूल्य वृक्षों की लगातार हो रही अवैध कटाई से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। रातापानी टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की तस्करी पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती है।

 

इस कार्रवाई में डिप्टी रेंजर अवधेश कुमार मिश्रा, वन रक्षक रोहित कौशल, वन रक्षक बलवीर सिंह, चौकीदार दिनेश बरेला, बिलार सिंह, दिनेश एवं जगदीश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग अब पूरे तस्करी नेटवर्क, जब्त वाहनों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है।

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