August 3, 2026

खाद्य विभाग के नवाचार से मिल रहा उपभोक्ताओं को लाभ, सीएम डॉ. यादव बोले- जन कल्याण के लिए ये जरूरी

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– *मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की खाद्य-नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यों की समीक्षा*
– *प्रदेश के मुखिया ने दिए विभाग को दिए जरूरी नवाचारों के निर्देश*
– *अनाजों के भंडारण में क्षति कम करने भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण की पहल*

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मई को मंत्रालय में खाद्य-नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उपभोक्ता हित में कार्य करे। खाद्य विभाग ने अनेक नवाचार किए हैं, जिनका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है। नवाचारों और उपभोक्ता हित का कार्य निरंतर किया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग ने उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण मार्ट के रूप में उन्नयन किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर राशन प्रदाय और वितरण की सूचना देने का प्रावधान किया गया है। यह नवाचार उपभोक्ताओं के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता के रूट ऑप्टिमाइजेशन के कार्य से परिवहन लागत में सरकार को 42 लाख रुपए प्रति माह की बचत हुई। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग व्यवस्था की गई। इसी तरह सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने सभी स्तरों पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोदाम में स्कंध के भंडारण की क्षति को कम करने के लिए वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अमले को भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाने की पहल की भी प्रशंसा की।

*जारी रखी जाएं उन्नयन की गतिविधियां*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निगमकर्मियों के कौशल उन्नयन की गतिविधियां जारी रखी जाएं। इसी तरह उपार्जन, मिलिंग और परिवहन के लिए उपयोग में लिए जा रहे वाहनों का यूलिप (ULIP) सॉफ्टवेयर से सत्यापन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन के लिए जूट कमिश्नर से खाली बारदाने क्रय करने के लिए सीसी लिमिट से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश, ओडिशा और पंजाब के पश्चात तीसरा प्रांत है। इस प्रणाली से 18 करोड़ रुपए की ब्याज राशि की बचत करने में सफलता मिली है।

*गेहूं उपार्जन का मॉडल विकसित करने के निर्देश*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन कार्य की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ऐसा मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए जिससे गेहूं की जींस की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग आदि के कार्य लघु मध्यम और सूक्ष्म विभाग के सहयोग से किए जा सकें। इस कार्य में स्व-सहायता समूह की भूमिका भी हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शहरी गैस वितरण, नेटवर्क विकास और विस्तार नीति 2025 लागू करने, पीडीएस के हितग्राहियों का ई-केवाईसी किए जाने के कार्य और उपभोक्ता हित में किए गए अन्य प्रयासों की जानकारी भी प्रदान की गई। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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