बीते 22 वर्षों से किया जा रहा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण व अभिषेक


नसरूल्लागंज- भगवान शिव के पवित्र श्रवण मास के मौके पर ग्राम रमगढा में बीते 22 वर्षों से पार्थिव शिवलिंग का विधिवत निर्माण एवं उनका अभिषेक व पूजन का क्रम लगातार जारी है। यहां पर भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ केवल श्रावण मास में ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष भर मौजूद रहती है। वर्ष 1999 2000 से शुरू हुआ यह कार्यक्रम निरंतर जारी है। तहसील मुख्यालय रेहटी एंव नसरुल्लागंज विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम रमगड़ा में स्थित रूद्रधाम आश्रम में श्रावण मास के मौके पर भक्तों का मेला लगा हुआ है। यहाँ पर भगवान शिव की पूजा अर्चना श्री श्री 1008 परमानंद परमहंस महाराज एवं श्री 108 बजरंग गिरी महाराज के सानिध्य में लगातार जारी है। एकादशी शिवलिंग की स्थापना पूरे क्षेत्र में कहीं पर भी नहीं है ऐसे में भक्तों का जमावड़ा यहां पर अभिषेक के लिए अधिक लगता है। ग्रामीण दिलीप सिंह तोमर के मुताबिक वर्ष 1999-2000 में यहाँ पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं उनके पूजन अभिषेक का क्रम शुरू हुआ नर्मदा तट से सटा हुआ एवं कौशल्या नदी के किनारे स्थित आश्रम पर निरंतर 22 वर्षों से भगवान शिव परिवार की पूजा अर्चना के अतिरिक्त यहाँ पर पूरे वर्ष भर आयोजनों का सिलसिला जारी है। श्रावण मास में यहां पर सवा करोड़ शिवलिंग का निर्माण कर सैकड़ो यजमानों के द्वारा कि पूजा अर्चना की जाती है। यहां पर मुख्य एकादशी शिवलिंग पर सुबह 5 से 8 बजे तक अभिषेक का कार्यक्रम चलता है। इसके बाद मिट्टी के बनाए जा रहे पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक प्रतिदिन सुबह 8 से 11 बजे तक किया जाता है। इसके बाद महाआरती सम्पन्न होती हैं।
- पार्थिव शिवलिंग पूजन से सम्पूर्ण मनोरथ होते है सिद्ध
श्रवण मास में नसरुल्लागंज के दुर्गा मंदिर में विश्व कल्याणार्थ पार्थिव शिव अर्चन महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में ज्योतिषाचार्य पंडित संजय शर्मा ने बताया कि कलयुग में पार्थिव शिवलिंग के पूजन का अत्यधिक महत्व है। पार्थिव शिवलिंग के पूजन से पुरुषार्थ सिद्धि होती है और सकल मनोरथ सिद्ध होते हैं। वर्ष में एक बार पार्थिव शिवलिंग का पूजन अवश्य करना चाहिये।