बुधनी में निर्मित लकड़ी के खिलौने भोपाल ,होशंगाबाद, इटारसी के रेलबे स्टेशनो पर बिकेंगे
सीहोर- जिले के बुधनी में लकड़ी से निर्मित कलात्मक खिलौनों की ख्याति दूर-दूर तक है। अब इन खिलौनों की बिक्री के लिए होशंगाबाद रेलवे स्टेशन पर स्टॉल प्रारंभ होगा। इसके अलावा इटारसी और भोपाल के स्टेशन रानी कमलापति पर भी ऐसे स्टॉल खुलेंगे। क्षेत्र में टॉय कलस्टर के लिए हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा खिलौना निर्माताओं और काट शिल्पियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत बुधनी के लकड़ी खिलौने नजदीकी जिला होशंगाबाद रेलवे स्टेशन पर मिलना शुरू हो गए हैं। जिसमें की बुधनी की दुधाई की लकड़ी खिलौना की पहचान बनाने वाले आकर्षक खिलौनों और अन्य आइटम के बिक्री के लिए एक केंद्र बनाया गया है बुधनी में खिलौना उद्योग से जुड़े शिल्पी यों के लिए भी शॉपिंग काम्पलेक्स बनाया जाएगा, इसी के साथ वहां पर अब स्कूलों और आंगनवाड़ियों में दिए जाने वाले खिलौनों को बनाने काम शुरू हो गया है। साथ ही अब बुधनी के खिलौने प्रदेश में ही नहीं देश और आने वाले दिनों में विदेश में भी अपनी पहचान बनाएंगे इसके लिए सरकार ने बुधनी में खिलौनों का एक कलेस्टर बनाया है जहां पर लकड़ी के अलावा लेदर प्लास्टिक और एमडीएफ बोर्ड के खिलौने भी तैयार हो सकेंगे । बुधनी में पिछले कई वर्षों से लकड़ी के खिलौनों कारोबार किया जा रहा है।
भारत सरकार की एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत होशंगाबाद के रेलवे स्टेशन पर इन खिलौना के लिए एक काउंटर बनाया गया है इन लकड़ी के खिलौने खासियत यह है कि यह दूधई की लकड़ी से तैयार होते हैं दूधई ही एक ऐसी लकड़ी होती है जो सफेद और नरम होती है इसमें कोई भी कलर किया जा सकता है साथ ही बच्चों के लिए नुकसानदायक नहीं होती है इस लकड़ी की खासियत यह है कि यदि इसे एक पेड़ को काट दिया जाए तो यह खत्म नहीं होता है बल्कि उसकी कई शाखाएं और निकल जाती है और अन्य नए पौधे तैयार हो जाते हैं।
प्रमुखता से इनसे बनने वाले खिलौनों में मुख्य रूप से बच्चों की गाड़ी, वॉकर,चकरी भारा ,रस्सी कूदनी पेन स्टैंड चकोटी बेलन कोरिंग हेलीकॉप्टर चटकोरा टिकटिकी गिनती स्लेट फिरकनी हाथ गादी , बच्चों किचन सेट झूले आदि बनते हैं।
