महिला सुरक्षा के लिए पुलिस और स्वयं सहायता समूह आए साथ, बुदनी में हुआ उन्मुखीकरण कार्यक्रम
बुदनी, 18 जून। महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक अपराधों की रोकथाम को लेकर गुरुवार को बुदनी के सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र (सीटीसी) उन्नति संकुल, जनपद पंचायत परिसर में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), महिला स्वयं सहायता समूहों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता को लेकर साझा रणनीति तैयार की।
कार्यक्रम का विषय “महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता एवं सामाजिक अपराधों की रोकथाम हेतु पुलिस विभाग एवं महिला स्वयं सहायता समूहों के मध्य समन्वय” रखा गया। इसमें उन्नति, एकता और शक्ति संकुल स्तरीय महासंघ (सीएलएफ) की पदाधिकारी, लोक अधिकार केंद्र (एलएके) के समन्वयक, ग्रामीण विकास विभाग तथा सहयोगी संस्थाएं टीआरआई और प्रदान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम, नशा मुक्ति, लैंगिक समानता तथा महिला अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही घरेलू हिंसा के मामलों में त्वरित सहायता और काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने तथा नशे के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभागियों को विभाग की कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं, जागरूकता अभियानों और समुदाय के साथ समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। इसके अलावा डायल-112 सेवा के उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा, थाना प्रभारी रेहटी राजेश खरे, थाना प्रभारी शाहगंज दिनेश चौहान तथा थाना बुदनी से संदीप जाट सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं एनआरएलएम से भावना वर्मा और रामअवतार चौहान तथा सहयोगी संस्थाओं टीआरआई और प्रदान के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
महिला सुरक्षा और सामाजिक अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा संयुक्त जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
पुलिस विभाग की नियमित सहभागिता मासिक सीएलएफ बैठकों में सुनिश्चित की जाएगी, जिसे ग्राम संगठन स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
ग्राम संगठनों की शांति समितियों में महिलाओं और सामुदायिक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक अपराधों की रोकथाम के लिए समुदाय, स्वयं सहायता समूहों एवं पुलिस विभाग के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को मजबूत करना रहा। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रयासों को ग्राम स्तर तक विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की।

