August 3, 2026

कुशाभाउ ठाकरे हॉल में लगे हस्तकला बाजार में बुधनी के खिलौनों का लगाया गया स्टॉल

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रिस्पांसिबल टूरिज्म में बुदनी के खिलौनों की धूम

​पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश की हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए तथा राष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान प्रदर्शित करने के लिए कुशाभाउ ठाकरे हॉल मेंहस्तकला बाजार एवं आईसीआरटी अवार्ड समारोह के अवसर पर प्रदेश के हस्तकला शिल्पियों के स्टॉल लगाए गए हैं।

जिले की बुदनी तहसील के लकड़ी के खिलौने भी पर्यटन विभाग द्वारा लगाए गए हस्तकला बाजार में प्रदेश के चुनिंदा में हस्तशिल्पियों के स्टॉल में शामिल किए गए हैं। स्टॉल में मौजूद खिलौने के कलाकार ने बताया कि बुदनी के ये उत्पाद दुबई में भी पसंद किए जा चुके हैं। बुधनी के लकड़ी के खिलौने बनाने वाले श्री विनोद शर्मा ने बताया कि यह खिलौने दुधी लकड़ी से बनाए जाते हैं जो सफेद रंग की होती है। बुधनी क्षेत्र के वन क्षेत्रों में पाई जाने वाली इस दुधी लकड़ी में अन्य लकड़ियो की तरह गांठ और रेसे नही होने के कारण यह खिलौनों के लिए उत्तम मानी जाती है। वन विभाग द्वारा यह लकड़ी रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाती है। बच्चों द्वारा खेलते समय इसे दांतों से चबाने या मुह में लगाने से कोई नुकसान नहीं होता। वह फिर से शीघ्र पनप जाती है और इनका उपयोग न होने पर खराब हो जाती है। श्री शर्मा ने बताया कि बुधनी के सभी विश्वकर्मा परिवार इस कार्य में लगे हुए है। शासन के सहयोग से देश के बड़े–बड़े शहरों में इन्हें विक्रय किया जाता है। रविदास हस्तशिल्प निगम द्वारा दुबई में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तकला बाजार में भी इन खिलौनों की खरीददारी की गई है।

 

​उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर बुधनी के खिलौनो को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने तथा खिलौना बनाने वालों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुधनी के खिलौनों को “एक जिला एक उत्पाद” के तहत चयन किया गया है। गत एक साल से बुधनी के खिलौनो के उत्पादन, विक्रय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के लगातार प्रयास किए जा रहे है। इसी के तहत गत एक से 15 नवम्बर तक बुधनी में टॉय फेस्टिवल लगाया गया था। बुधनी को टॉय कलस्टर के रूप में विकसित करने के लिए लकड़ी के खिलौनोंके साथ ही अन्य वस्तुओं से बनने वाले खिलौने के निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। 

हस्तकला बाजार में लगाए गए प्रमुख स्टॉलों में बुदनी के लकड़ी के खिलौने, टेराकोटा धमना, छतरपुर, लौहशिल्प बसारी छतरपुर, बैलमेटल शिल्प बैतूल, तोरनिया हस्तशिल्प झाबुआ, काशा शिल्प मेटल सतना, बुंदेली पेंटिंग ओरछा, राग भोपाली भोपाल, लाख की चूड़िया स्व-सहायता समूह बागली, बाइरा बूमेन आदिवासी हस्तशिल्प अलीराजपुर की प्रदर्शनी लगाई गई हैं जो 8 से 10 सितंबर तक आमजन के विक्रय के लिए खुली रहेंगी।

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