राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 13 सितंबर को। अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष आयु वाले 5 लाख 654 हजार 720 बच्चेहोंगे लाभांवित
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 13 सितंबर को किया जाएगा वहीं मॉकअपदिवस 16 सितंबर को आयोजित होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने गुरूवार को अंतरविभागीय बैठक आयोजित कर अभियान की सफलता के लिए सूक्ष्म कार्ययोजना बनाई गई। बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी, शिक्षाविभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, स्कूलों के प्राचार्य, डीपीएम,समस्त बीएमओ, बीईई,बीसीएम , सुपरवाईजर्स उपस्थित हुए। अभियान के अंतर्गत 1 वर्ष से 19वर्ष आयु तक वाले 5 लाख 65 हजार 720बच्चों, किशोर किशोरियों को लाभांवित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 01 वर्ष से 19 वर्ष की आयु वाले आष्टा विकासखण्ड में 01 लाख 54 हजार 585 बच्चे, बुदनी में 60 हजार 283, इछावर में 69 हजार702, नसरूल्लागंज में 94 हजार 592 तथा सीहोर शहरी क्षेत्र में 1 लाख 86 हजार 558 बच्चे एवं किशोर किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं। उन्होंने ने बताया कि गंभीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते है। जैसे दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, उल्टी, और भूख ना लगना, हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखते है। बच्चे में कृमि की मात्रा जितनी अधिक होगी संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे। इसके बचाव के लिए नाखून साफ रखें, हमेशा साफ पानी पीएं, साफ पानी से फल व सब्जियां धोएं, अपने हाथ साबुन से धोएं विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने के बाद।आसपास सफाई रखें, जूते पहने, खुले में शौच ना करें। हमेशा शौचालय का प्रयोग करें।