आधा दर्जन से अधिक गणेश उत्सवों समितियों का किया सम्मान
सीहोर। दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन अवसर पर हर साल की तरह इस साल भी जिला संस्कार मंच के तत्वाधान में आधा दर्जन से अधिक गणेश उत्सव समितियों का सम्मान किया गया। इस मौके पर शहर के चरखा लाइन स्थित अमर ज्योति क्लब के तत्वाधान में विराजमान करीब 16 फीट के भव्य गणेश प्रतिमा की पहले तो पूजा अर्चना की गई। इसके पश्चात मंच की ओर से जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर सोनी, संजय सोनी आदि ने क्लब के अध्यक्ष सौरभ सोनी, विशाल सोनी आदि पूरे पदाधिकारी और क्षेत्रवासी शामिल थे। इस मौके पर अमर ज्योति क्लब के अध्यक्ष श्री सोनी ने बताया कि इस वर्ष भव्य प्रतिमा को विराजमान किया गया था और हर साल की तरह इस साल भी पूरी आस्था और उत्साह के साथ क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में भगवान गणेश की देर रात्रि को महा आरती की गई और उसके पश्चात प्रसादी का वितरण किया गया। इसके अलावा हर दिन यहां पर अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी क्लब के द्वारा किया गया। वहीं मंच के द्वारा शहर के आधा दर्जन से अधिक गणेश उत्सव समितियों का सम्मान भी किया गया।
इस मौके पर जिला संस्कार मंच के संस्थापक मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश की ही पूजा की जाती है। वैसे तो इन दिनों गणेश उत्सव चल रहा है। क्षेत्र के घर-घर और अन्य स्थानों पर भगवान की भक्ति की जा रही है। वहीं बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है। श्री गणेश जिन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। उनकी पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। अगर कोई इस दिन सच्चे मन से गणेश जी की आराधना करता है तो उसके जीवन में धन और सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं रहती। उन्होंने बताया कि व्रत वाले दिन सुबह उठकर स्नान आदि कार्यों से निवृत्त होकर सबसे पहले आप भगवान की प्रतिमा के आगे बैठें। गणेश जी की पूजा करने से पहले संकल्प लें क्योंकि किसी भी पूजा को शुरु करने से पहले संकल्प लेना आवश्यक है। सबसे पहले एक चौकी लेकर उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। उसके बाद गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर कुमकुम, अक्षत, घी और अगरबत्ती से गणेश जी का पूजन करें।
