नवरात्रि महिषासुर मर्दिनी माता रानी के दरबार में लगा भक्तों मेला
सीहोर – नवरात्रि मैं मां महिषासुर मर्दिनी के दरबार में भक्तों का मेला लगा रहता है ।सीहोर जिले की नगर परिषद जावर में स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर लगभग अति प्राचीन धाम है मान्यता है कि यहाँ माता स्वयंभू प्रकट है और माता के दर्शन मात्र से सभी संकट दूर होते हैं मां महिषासुर मर्दिनी के दरबार में दूर-दूर से भक्त जन नवरात्रि में माता रानी का दर्शन करने आते हैं,और सच्ची श्रद्धा से माता रानी को लाल चुनरी भेंट करते हैं।
माता रानी के दरबार में नित्य रोज नए-नए चमत्कार भक्तों को देखने को भी मिलते हैं भक्तो के अनुसार माता रानी दिन में तीन रूप बदलती है
मां महिषासुर मर्दिनी शक्ति संगठन द्वारा यहां पर नवरात्रों में विशेष महा आरती का आयोजन किया जाता है और विशेष प्रसादी भक्तों को वितरित की जाती है और मंदिर के मुख्य पुजारी के द्वारा माता रानी का भव्य श्रंगार किया जाता है
वहीं नवरात्रि के आखिरी दिन नवमी के दिन माता रानी के दरबार में ग्राम पटेल द्वारा हवन किया जाता है और महामाई की आरती की जाती है जिसमें जावर नगर के समस्त श्रद्धालु महामाई की आरती में सम्मिलित होते हैं और महा माई के दर्शन लाभ लेते हैं।कहा तो यह भी जाता है की यहाँ कभी घना जंगल हुआ करता था अग्रेजों के शासनकाल में कुछ लोग यहां रुकने आए थे तभी एक व्यक्ति को माता रानी ने सपने में कहा था कि यहां से मत जाना मैं सब की रक्षा करूंगी माता रानी ने यहाँ गांव बसाने का आदेश दिया प्राचीन काल में जावर को जमात के नाम से जाना जाता था अब यही जावर के नाम से जाना जाता है ,नगर वाशियो की माने तो
माता रानी के दरबार में रोज चमत्कार देखने को मिलते है।मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार
माता रानी नवरात्रि में क्रमशः सूर्य उदय से रात्रि तक तीन रूप बदलती है
सुबह में बाल्यावस्था,दोपहर में प्रोढ़ावस्था और शाम को वृद्धा अवस्था में अपने भक्तों को दर्शन देती है महामाई का यह चमत्कारी धाम
इंदौर भोपाल हाईवे जावर जोड से 3 किलोमीटर दूर स्थित है।प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी अष्टमी के अवसर पर भव्य महाआरती का आयोजन होगा।
