संकट के समय सरकार किसानों के साथ – मुख्यमंत्री श्री चौहान
सीहोर जिले के 4443 किसानों के खाते में 5 करोड़ 65 लाख रूपए से अधिक की राशि हस्तांतरित

फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत राशि का हुआ वितरण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के 19 जिलों के एक लाख 91 हजार 755 किसानों को 202 करोड़ रूपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों के खाते में हस्तांतरित की है। अगस्त 2022 में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से कुल दो लाख तीन हजार हेक्टेयर में फसल प्रभावित हुई थी। सर्वे के पश्चात ग्राम पंचायतों में सूची भी प्रदर्शित की गई थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान के वर्चुअल कार्यक्रम मेंसीहोर के एनआईसी कक्ष से इछावर विधायक करण सिंह वर्मा तथा सीहोर विधायक सुदेश राय कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान के संबोधन के पश्चात विधायकों ने किसानों को फसल क्षति की राशि का हस्तांतरण पत्रक वितरित किया।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि संकट के समय सहायता पहुंचाने तथा जनता की सेवा के लिए सरकार तत्पर है। किसानों की हर परिस्थिति में प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि फसल क्षति से हुए नुकसान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें आज राहत राशि प्रदान की जा रही है। जिससे वे अपने नुकसान की भरपाई करें और आने वाले त्यौहारों को पूरे हर्षोल्लास से मनाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों से सर्वें के संबंध में जानकारी भी ली। जिले में फसल क्षति से हुए नुकसान के लिए एनआईसी कक्ष में इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह इंजीनियर तथा कलेक्टर चन्द्र मोहन ठाकुर ने जिले के किसानों को फसल क्षति के स्वीकृति पत्रक वितरित किए। इस दौरान जिले की सात तहसीलों में कुल 4443 किसानों के खाते में 5 करोड़ 65 लाख 46 हजार 222 रूपए की राशि हस्तांतरित की गई। सीहोर में 333 किसानों के खाते में 42 लाख 10 हजार 681 रूपए की राशि हस्तांतरित की गई। इसी प्रकार श्यामपुर में कुल 439 किसानों को 29 लाख 813 रूपए, इछावर में 49 किसानों को 11 लाख 65 हजार 772 रूपए, नसरुल्लागंज में 1802 किसानों को दो करोड़ 20 लाख 31 हजार 356 रूपए, बुधनी में 1525 किसानों को दो करोड़ 41 लाख 676 रूपए तथा रेहटी में 295 किसानों के खाते में 21 लाख 36 हजार 924 रूपए राशि हस्तांतरित की गई। एनआईसी कक्ष में अपर कलेक्टर श्रीमती गुंचा सनोबर सहित अनेक किसान उपस्थित थे।
