इसके लिए 6 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। दो पहिया वाहन चलाने वालों को हेलमेट धारण करना अनिवार्य।
प्रदेश के साथ ही जिले में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट धारण करान अनिवार्य होगा। इसके लिए 06 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। बिना हेलमेंट धारण करने वाले दो पहिया वाहन चालकों के विरूध्द मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही की जावेगी। इस संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिए गये निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भोपाल द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी किये गये है।

जारी निर्देश में कहा है कि सभी स्कूल एवं कॉलेजो के प्रधान अध्यापक, छात्र छात्राओं केअभिभावकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करे कि, वह बच्चो को स्कूल, कॉलेज लेकर आते- जाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट धारण करें साथ ही हेलमेट धारण न करने वाले अभिभावकों एवं छात्र- छात्राओं को शिक्षण संस्थानों में प्रवेश निरूध्द करने की सख्त हिदायत दिया जावे। इस संबंध जिला दण्डाधिकारी के माध्यम से निर्देश जारी किये जाएगें। सभी पेट्रोल पम्पो पर फ्लेक्सि,बेनर के माध्यम प्रचार-प्रसार करें साथ ही पेट्रोल की आपूर्ति के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट धारण करने पर ही पेट्रोल वितरण करेगे ऐसे सख्त हिदायत दिया जावे ताकि सभी हेलमेट पहन कर ही पेट्रोल पम्प आवें।
स्थानीय निकाय जैसे ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका एवं ठेके पर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था दी जाती है. जहाँ यात्रीगण बिना हेलमेट धारण किये हुये आकर वाहन पार्किंग में लगाते है, हेलमेट धारण करने पर ही उनकों वाहन पार्किंग की सुविधा दी जावे, ऐसी पार्किंग संचालकों को सख्त हिदायत दी जावे। जिले में संचालित ऑटो मोबाईल शॉप पर बेनर, फ्लेक्सि के माध्यम से हेलमेट धारण करने के संबंध में प्रचार-प्रसार किया जाये। वाहन के विक्रय के समय सभी क्रेताओं को हेलमेट धारण करने के उपरान्त ही शोरूम से जाने के लिए निर्देशित किया जावे। समस्त होटल, ढाबा, रेस्टोरेन्ट, मॉल आदि स्थानों पर फ्लेक्स एवं बेनर के माध्यम सेहेलमेट धारण करने के संबंध में प्रचार-प्रसार करें। हेलमेट धारण न करने वाले को वाहन चालकों का प्रवेश वर्जित किये जावे। जिला आबकारी विभाग द्वारा संचालित लाइसेंसी शराब की दुकानों पर एवं हाट बाजार के पार्किंग स्थलों पर भी हेलमेट धारण करने के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जावें। स्थानीय टी०वी० चेनलों, इलेक्ट्रानिक मीडिया, प्रिन्ट मीडिया और सोशल मिडिया के माध्यम से दो पहिया वाहन चालकों को आवश्यक रूप से हेलमेट धारण करने के लिए बाध्य किया जावे।