भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा और विधायक सुदेश राय ने क्षेत्रवासियों को मिट्टी के दीप प्रज्जवलित करने का दिलाया संकल्प
मिशन माटी दीप के तहत-हजारों माटी के दीपों से जगमग हुआ प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर
आज मिशन माटी दीप के तहत 5100 दीपों से जगमग होगा मनकामेश्वर महदेव मंदिर में भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में
सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी दीपावली के पावन अवसर पर देश की मिट्टी के दीपों से पर्व मनाए जाने के लिए प्रजापति समाज के द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बुधवार को इस अभियान की शुरूआत भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में की गई। इस मौके पर विधायक सुदेश राय, भाजपा नेता अजय पटेल, शंकर सम्राट प्रजापति, विष्णु सम्राट प्रजापति, सतीश राठौर, हरीश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शहर के तहसील चौराहा स्थित प्राचीन मनकामेश्वर मंदिर में 5100 दीपों को एक साथ प्रज्जवलित कर यहां पर मौजूद क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीप जलाने का संकल्प दिलाया।
प्रजापति समाज के द्वारा लगातार पांच सालों से मिशन माटी दीप अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो सालों में मात्र सांकेतिक रूप से आयोजन किया गया था, लेकिन इस साल भव्य रूप से आयोजन किया गया।
प्रजापति समाज के जिलाध्यक्ष श्री प्रजापति ने बताया कि जिंदगी रोज आधुनिक होती है और रोज बदलती जाती है। यही वजह है कि हम अपनी कला, संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। अपनी संस्कृति और विरासत की उपेक्षा करना एक तरह की आधुनिकता बन गई है। आधुनिकता का असर दीपावली जैसे पर्वो पर भी पड़ा और वह रिवायतों से दूर होती जा रही है। यही वजह है कि मिट्टी के दीपों की जगह बिजली के बल्बों और मोमबत्तियों और चायना से निर्मित अन्य वस्तुओं ने ली है। इसे रोकने के लिए प्रजापति समाज की अनूठी पहल की जा रही है। इस पहल के तहत शहर के तहसील चौराहा स्थित प्राचीन मनकमेश्वर महादेव मंदिर में 5100 मिट्टी के दीपों से प्रज्जवलित गया। कार्यक्रम मिशन माटी दीप के आयोजन में ग्रामीण अध्यक्ष अनिल प्रजापति, सीताराम यादव, विवेक श्रीवास्तव, प्रदीप चौहान, मनोज दीक्षित मामा, सुदीप सम्राट, दीपक, सुनील पंडित, कल्लू पटेल, सुनील चौकसे, राकेश शर्मा, आकाश, सुनील प्रजापति, प्रकाश प्रजाति, प्रेम प्रजापति, रमेश उस्ताद, राकेश पटेल, गब्बर प्रजापति, कैलाश प्रजापति, चिमन, प्रकाश, पूनमचंद, मदन लाल, बल्लू, योगेश, रतिराम और गणेश आदि शामिल थे।
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