अब कम्पनी के रूप में भी सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं आजीविका मिशन की महिलाएं
समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाते हुए आजीविका मिशन की महिलाएं आत्मनिर्भरता के पथ पर निरंतर प्रगति की ओर आगे बढ़ रही है। जिले के इछावर तहसील में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा गठित एक ऐसी ही कंपनी है। जिसके माध्यम से महिलाएं समूह के रूप में एकजुट होकर कार्य कर रही है और अपनी आजीविका को बढ़ाने के साथ ही अपनी पारिवारिक स्थितियों को भी बेहतर कर रही है।

आजीविका मिशन के तहत डेढ़ वर्ष पूर्व आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का गठन हुआ था। तभी से कंपनी की महिलाएं कंपनी को शिखर तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। इन्हीं अविरल प्रयत्नों के चलते गत रबी सीजन में कंपनी द्वारा विभिन्न प्रकार के लाइसेंस बनवाकर इछावर मंडी में वृहद स्तर पर गेहूं की खरीदी की और क्रेता अभिकरणों से संपर्क करते हुए खरीदे हुए गेहूं का विक्रय किया। जिससे कि कंपनी का एक ही सीजन में लगभग ढाई करोड़ रुपए का टर्नओवर रहा।
इसी श्रृंखला में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए महिलाओं ने एक अभिनव प्रयास भी किया। जिसमें तुलसी के बीज भी किसानों की मांग अनुसार उपलब्ध करवाए और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कंपनी से जुड़े सदस्य तथा अन्य किसानों को वर्तमान रबी सीजन के लिए लगभग 70000 रूपए के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही अपने पूर्व में किए गए कार्य और परिलक्षित होते हुए परिणामो से प्रेरणा लेकर खरीफ सीजन उपरांत सोयाबीन और मक्का खरीदी का कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक दौर में कंपनी द्वारा अभी तक 112 क्विंटल सोयाबीन और 208 क्विंटल मक्के की खरीद कर ली गई है।