August 4, 2026

“पेसा” एक्ट से जनजाति क्षेत्रों में ग्राम सभा अधिकार सम्पन्न होगी

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जल, जंगल, जमीन पर जनजातीय वर्ग का अधिकार है। राज्य सरकार उनके हक को दिला रही है। जनजातीय वर्ग को सशक्त और अधिकार सम्पन्न बनाने के लिये पेसा एक्ट लागू किया गया है, जिससे उनके जीवन में खुशहाली आएगी। गाँव का पैसा गाँव के विकास में ही उपयोग होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जनजातीय जागरूकता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पेसा एक्ट से मिले अधिकारों के प्रति जनजातीय समुदाय को जागरूक किया।

      पेसा एक्ट से जनजातीय वर्ग को मजबूती मिलेगी। नये नियमों के अनुसार अब पटवारी और बीट गार्ड को गाँव की जमीन का नक्शा, खसरा, बी वन नकल, गाँव में ही लाकर ग्राम सभा में दिखाने होंगे, जिससे जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न कर सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो ग्राम सभा को उसे ठीक करने का अधिकार रहेगा। किसी प्रोजेक्ट के लिये जमीन लेने के लिये ग्राम सभा की सहमति जरूरी होगी। छल, कपट और बलपूर्वक अब कोई जमीन नहीं हड़प सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो ग्राम सभा को हस्तक्षेप कर उसे वापस करवाने का अधिकार होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण किसी कीमत पर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि खनिज के मामले जिनमें रेत खदान, गिट्टी-पत्थर के ठेके देना है या नहीं इसका निर्णय भी ग्राम सभा में ही लिया जाएगा।

      ग्राम सभा अमृत सरोवर, तालाबों का प्रबंधन करेगी। तालाबों में सिंघाड़ा उगाने और मछली पालन एवं मत्स्याखेट की सहमति ग्राम सभा देगी। सौ एकड़ सिंचाई तालाबों का प्रबंधन, वनोपज का संग्रहण एवं न्यूनतम मूल्य निर्धारण भी ग्राम सभा में हो सकेगा। जनजातीय वर्ग के लोगों के द्वारा वनोपज संग्रहण करने के साथ उसे बेचने का भी हक होगा। तेंदूपत्ता की तुड़ाई और ब्रिकी का कार्य भी जनजातीय वर्ग करेंगे। वनोपज की दर ग्राम सभा तय करेंगी। यह सब प्रस्ताव एक माह के अंदर ही तय हो जाएंगे। ग्राम सभा तेंदूपत्ता संग्रहण एवं विक्रय का प्रस्ताव 15 दिसंबर तक पारित करे। गाँव का पैसा गाँव के विकास में ही उपयोग होगा।

      जनजातीय क्षेत्रों के उत्थान के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया जाएगा। जनजाति क्षेत्रों में केवल लायसेंसधारी साहूकार ही निर्धारित ब्याज दर पर पैसा उधार दे सकेंगे। इसकी जानकारी भी ग्राम सभा को देना होगी। साहूकार द्वारा अधिक ब्याज नहीं लिया जा सकेगा। अधिक ब्याज लेने पर संबंधित पर कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के कोई नई शराब की दुकान नहीं खुलेगी। किसी शराब दुकान को हटाने की अनुशंसा ग्राम सभा कर सकेगी। छोटे झगड़े सुलझाने का अधिकार भी ग्राम सभा के पास रहेगा। किसी थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज होने पर इसकी सूचना ग्राम सभा को देना होगी। स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, आँगनवाड़ी केन्द्र, आश्रम, छात्रावास आदि के व्यवस्थित संचालन के लिए मॉनिटरिंग का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा। मेला एवं बाजार का प्रबंधन भी ग्राम सभा करेगी। नये नियमों को प्रभावी ठंग से लागू किये जाने के लिये पेसा कोऑर्डिनेटर बनाये जायेंगे।

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