बालक एवं बालिकाओं जो 9 माह से 05 वर्ष तक हो को पीड़ा रहित, टीके लगवायें
शहर के सभी स्कूलों के शिक्षकों का मीजल्स-रूबेला मुक्त भारत अभियान के तहत प्रथम चरण 19 नवंबर तथा द्वितीय चरण 19 दिसंबर से 24 दिसंबर 2022 तक संचालित किया जाएगा। अभियान की शत प्रतिशत सफलता के लिए जिले के सभी विकासखण्ड में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण आयोजित कर प्रशिक्षित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने कहा कि जिस प्रकार टीकों के माध्यम से स्मालपॉक्स, पोलियों एवं मातृ-शिशु टिटनेस बीमारी का अंत किया है, उसी प्रकार दिसंबर 2023 तक 9 माह से 05 वर्ष तक प्रत्येक बालक एवं बालिकाओं को दाहिने बाजू की चमडी़ में पीड़ा रहित, एमआरके 2 बार टीके देकर 2 जानलेवा बीमारियों – मीजल्स एवं रूबेला से भारत वर्ष को मुक्ति दिलाएंगे।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ एम के चंदेल ने बताया कि मीजल्स-रूबेला मुक्त भारत अभियान के तहत मीजल्स एक जानलेवा बीमारी है और बच्चे को निमोनिया, दस्त, दिमागी संक्रमण जैसी जीवन के घातक जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बना सकता है। बच्चे में बुखार शरीर पर लाल दाने, नाक बहना, आंख आना आदि लक्षण से इसकी पहचान होती है। वहीं रूबेला को संबंध में बताया कि गर्भवती स्त्री के गर्भ में पल रहा बच्चा, अंधा, बहरा, मंद बुद्धि पैदा होता है। दिल में सुराख जैसी भयंकर बीमारी हो सकती है। बच्चे की गर्भ में ही मृत्यु हो सकती है।