बकाया ब्याज में नियमों के तहत पूर्णत: छूट रहेगी खनिज राजस्व बकाया वसूली के लिए समाधान योजना 30 जनवरी तक
समाधान योजना के तहत गौण एवं मुख्य खनिजों की खनिज राजस्व बकाया वसूली के लिए त्वरित रूप से कार्यवाही करने के लिए राहत एवं शिथिलीकरण प्रदान किया गया था।राज्य शासन द्वारा खनिज साधन विभाग में गौण खनिज एवं मुख्य खनिज के खनिज राजस्व बकाया वसूली के लिए “समाधान योजना” लागू की गई है। इसके तहत त्वरित रूप से कार्यवाही किये जाने के लिए राहत एवं शिथिलीकरण प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
योजना के तहत अब 31 मार्च, 2010 के पूर्व की बकाया राशि में ब्याज की पूर्णत: छूट दी जाएगी और 01 अप्रैल, 2010 से 31 मार्च2020 तक के ऐसे प्रकरण जिनमें बकाया राशिरुपये 5 लाख से कम है, उन पर ब्याज पूर्णत: माफ किया जाएगा। एक अप्रैल, 2010 से 31मार्च, 2020 तक के ऐसे प्रकरण जिनमें बकाया राशि रुपये 5 लाख से अधिक है, उन पर ब्याज की राशि 24 प्रतिशत के स्थान पर 6 प्रतिशत की दर से वसूली की जाएगी। ऐसी बकाया राशि जिस पर न्यायालयीन वाद लंबित है, तब राशि जमा होने पर बाद वापस लिया जा सकेगा।समाधान योजना में प्रस्तावित छूट 30 जनवरी, 2023 तक लागू की जाएगी। इससे पूर्व समाधान योजना 19 सितम्बर से 31 अक्टूबर 2022 तक के लिए लागू की गई थी। जिसे अब 30 जनवरी,2023 तक बढ़ाया गया है। खनिज रियायत नियमावली, 1960 जो कि वर्तमान में कोयला खनिज पर लागू है तथा मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में विलंब से देय राशि पर 24 प्रतिशत साधारण ब्याज प्रतिवर्ष देय होना प्रावधानित है।