किसानों को शीतलहर एवं तुषार के कारण पाले से बचाव की सलाह
वर्तमान मौसम में बदलाव को दृष्टिगत एवं मौसम में परिवर्तन तथा परिस्थिति को देखते हुए किसान भाइयों को सलाह दी जा रही है कि शीतलहर एवं तुषार के कारण पाले तथा पानी की संभावना वाले मौसम में शीतलहर के प्रति अति संवेदनशील फसलें जैसे सब्जी भाजी एवं चना, सरसों, टमाटर आदि फसलें के चारों ओर शाम के समय खेत के उत्तर पश्चिम दिशा में दुआ करें सिंचाई की उपयोगिता होने पर खेतों में हल्की सिंचाई करें।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री के के पांडे ने बताया कि पाला पड़ने की संभावना पर फसलों हल्की सिंचाई करें और सल्फर 80 प्रतिशत, 500 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें इसके साथ-साथ खेतों से खरपतवार होने पर निदाई गुड़ाई करवाएं जिससे खेत में वायु एवं प्रकाश पर्याप्त रूप से फसल को प्राप्त होती रहे और मौसम की विपरीत दिशाओं से फसल को सुरक्षा प्राप्त हो सके।