करणी सेना के आगे झुकी सरकार, 18 मांगों पर बनी सहमति, बाकी मांगों को शीघ्र पूरा करे सरकार
सीहोर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में बीतें कई दिनों से जातिगत आरक्षण समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना परिवार का जनआंदोलन चार दिनों से कर रही थी। लेकिन अब शिवराज सरकार करणी सेना के आगे झुक गई है। जिसके बाद अब ये आंदोलन स्थगित हुआ है। बताया जा रहा है कि करणी सेना परिवार के ज्ञापन में शामिल 21 मांगों में से 18 मांगों पर विचार के लिए तीन अफसरों की कमेटी बनाई गई है। भोपाल में करणी सेना का आंदोलन खत्म बता दें करणी सेना 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी। जिसमें सरकार ने 18 मांगों पर सरकार के साथ सहमति जताई है। आरक्षण, एट्रोसिटी समेत 3 मांगों के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर से मिलने जंबूरी मैदान पहुंचे। इस मौके पर करणी सेना परिवार के ईश्वर सिंह ठाकुर आदि के नेतृत्व में करीब 12 सौ से अधिक वाहनों की मदद से हजारों की संख्या में सर्व समाज के लोगों ने विरोध दर्ज कराया था। इस मौके पर ठाकुर का कहना है कि हमारी मांगे कुछ रह गई है। इसको लेकर शीघ्र ही निराकरण होना चाहिए। अब यह मांग पूरी होना बाकी है। जिसमें 01-आरक्षण का आधार आर्थिक किया जाए ताकि समाज के हर वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। एक बार आरक्षण मिलने पर दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाए। मांग 02- एससी-एसटी एक्ट में बिना जाँच के गिरफ्तारी पर रोक लगे। ताकि कोई भी निर्दोष व्यक्ति बिना अपराध के सजा न काटे। मांग 03- एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर सामान्य-पिछड़ा एक्ट बने जो सामान्य-पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करे व कानूनी सहायता प्रदान करे। मांग 04- खाद्यान्न (रोजमर्रा की चीजें) को जीएसटी से मुक्त किया जाए तथा बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जाए।
